वाईएसआरसीपी अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि पोलावरम बाएँ मुख्य नहर के 79 % काम उनके पिता के कार्यकाल में पूरा हुआ, जबकि मुख्यमंत्री नायडू इसे अपना मान रहे हैं। उन्होंने 2014‑19 में हुई त्रुटियों को भी उजागर किया।

  • पोलावरम बाएँ मुख्य नहर के 79 % काम यशवंत राजेशेखर रेड्डी के कार्यकाल में पूरा हुआ।
  • नायडू सरकार ने 2014‑19 में स्पिलवे और कोफ़रडैम कार्यों को अधूरा छोड़ कर बांध की नींव को नुकसान पहुँचाया।
  • जगन मोहन रेड्डी ने नायडू को परियोजना का श्रेय लेने के लिए कड़ी आलोचना की।

वाईएसआरसीपी अध्यक्ष यशवंत राजेशेखर रेड्डी के पुत्र जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को अपने X पोस्ट में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नागर्नन चंद्रबाबू नायडू पोलावरम बाएँ मुख्य नहर का श्रेय ले रहे हैं, जबकि यह काम उनके पिता के कार्यकाल में शुरू और अधिकांशतः पूरा हुआ था।

पोलावरम परियोजना का इतिहास

पोलावरम जलविद्युत एवं सिंचाई परियोजना का लक्ष्य गोदावरी नदी के जल को उत्तर आंध्र प्रदेश तक पहुँचाना है। बाएँ मुख्य नहर (Left Main Canal) का निर्माण 2005‑09 में शुरू हुआ और 2014 तक लगभग 79 % कार्य यशवंत राजेशेखर रेड्डी के कार्यकाल में पूरा हो गया।

पुरुषोत्तमपट्नम लिफ्ट योजना का निर्माण

पुरुषोत्तमपट्नम लिफ्ट योजना भी उसी अवधि में पूरी हुई, पर नायडू सरकार ने इसे अपने योगदान के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे जगन मोहन रेड्डी ने “आकस्मिकता” शब्द का प्रयोग किया।

यह परियोजना यशवंत राजेशेखर रेड्डी के नेतृत्व में शुरू हुई थी और इसका लाभ पूरी आंध्र प्रदेश को मिलना चाहिए।

नायडू सरकार की त्रुटियाँ

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि 2014‑19 में नायडू सरकार ने स्पिलवे और कोफ़रडैम कार्यों को केवल आंशिक रूप से पूरा किया, जिससे बाढ़ के दौरान जल प्रवाह बाधित हुआ और मुख्य बांध की नींव, विशेषकर डायाफ्राम वॉल, को नुकसान पहुँचा। यह त्रुटि आज भी जल संग्रहण क्षमता को सीमित कर रही है।

वर्तमान स्थिति और आगे की योजना

वर्तमान में येसआरसीपी सरकार ने बचे हुए कार्यों को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया है, जिसमें अप्रोच चैनल, स्पिल चैनल और कोफ़रडैम की पूर्णता शामिल है। उन्होंने केंद्र से 41.15 मीटर तक जल संग्रहण के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है, जबकि पूर्ण जल स्तर 45.72 मीटर निर्धारित है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that delayed completion of Polavaram not only hampers irrigation potential for over 2 million hectares but also affects power generation targets of 960 MW, thereby impacting Andhra Pradesh’s economic growth and water security in the Deccan plateau.

क्या आप जानते हैं? पोलावरम परियोजना भारत की सबसे बड़ी बहु‑उद्देशीय जल परियोजनाओं में से एक है, जिसकी कुल लागत लगभग ₹1.5 लाख करोड़ अनुमानित है।

Frequently Asked Questions

  • पोलावरम बाएँ मुख्य नहर का वर्तमान कार्य पूर्णता प्रतिशत क्या है?
  • नायडू सरकार के दौरान हुए नुकसान को कैसे सुधारा जा रहा है?

जगन मोहन रेड्डी ने नायडू से परियोजना की ऊँचाई, जल संग्रहण स्तर और उत्तर आंध्र जल योजना (USS) की स्थिति के बारे में स्पष्ट उत्तर माँगे हैं।