तेलंगाना के खान मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी ने बीआरएस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी एकमात्र प्राथमिकता कांग्रेस सरकार की आलोचना करना है। उन्होंने बीआरएस शासन के दौरान भ्रष्टाचार और बढ़ते कर्ज पर भी गंभीर आरोप लगाए।

  • मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने बीआरएस पर केवल आलोचना करने का आरोप लगाया।
  • बीआरएस शासन के दौरान राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ने का दावा किया गया।
  • कांग्रेस सरकार कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त बना रही है।
  • राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का लक्ष्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य है।

तेलंगाना के खान मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी ने शुक्रवार को मंचरियल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस का एकमात्र एजेंडा कांग्रेस सरकार की आलोचना करना बन गया है, जबकि वे यह भूल गए हैं कि जनता ने उन्हें बार-बार चुनाव में नकार दिया है।

मंत्री ने बीआरएस के दस साल के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार और कमीशन के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अब भारी आर्थिक संकट में है। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस की 'भ्रष्ट नीतियों' के कारण तेलंगाना पर लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ गया है। उन्होंने तुलनात्मक रूप से बताया कि जहाँ प्राणहिता-चेवेला परियोजना लगभग 20,000 करोड़ रुपये में पूरी हो सकती थी, वहीं कलेश्वरम परियोजना पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह राजनीतिक बयानबाजी आगामी चुनावों के लिए तेलंगाना में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती खाई को रेखांकित करती है। आर्थिक स्थिरता और विकास बनाम भ्रष्टाचार के नैरेटिव के माध्यम से कांग्रेस अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है।

बीआरएस के शासनकाल में किए गए बुनियादी ढांचागत खर्चों ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक बोझ डाल दिया है।

राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ, श्री विवेक ने शिक्षा और रोजगार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 65 उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किए गए हैं और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री (ECET के माध्यम से) जारी रहेगी और छात्रों के लिए फीस में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा, प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को 2,500 रुपये का वजीफा देने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जापान की अपनी हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की कंपनियां भारतीय इंजीनियरों में गहरी रुचि दिखा रही हैं, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुलेंगे।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मंत्री विवेक ने बीआरएस पर क्या मुख्य आरोप लगाए?
उत्तर: उन्होंने बीआरएस पर भ्रष्टाचार, अत्यधिक कर्ज और केवल विपक्ष की भूमिका निभाने का आरोप लगाया।

प्रश्न 2: कांग्रेस सरकार तकनीकी शिक्षा के लिए क्या कर रही है?
उत्तर: सरकार 65 उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र बना रही है और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित कर रही है।

Did You Know?: तेलंगाना के छात्र अब उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से जापान जैसी वैश्विक कंपनियों में 25-30 लाख रुपये तक का वार्षिक पैकेज प्राप्त कर सकते हैं।