केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को ट्रिनामूलक पार्टी के नेता रिताब्रत बेनर्जी पर 2017 के यौन उत्पीड़न मामले की जाँच करने का निर्देश दिया, जो पूर्व में राजनीतिक रूप से प्रेरित कथित है। कूणाल घोस ने अमित शाह को लिखे पत्र में इस मामले की गहराई से जांच की माँग की है।

  • केंद्र ने पश्चिम बंगाल से रिताब्रत बेनर्जी पर यौन उत्पीड़न दावे की जाँच का अनुरोध किया
  • विधायक कूणाल घोस ने अमित शाह को पत्र लिखकर मामला फिर से खोलने की अपील की
  • रिताब्रत बेनर्जी को 2017 में एक महिला ने आरोपित किया था, जिसे 2024 में फिर से उजागर किया गया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को ट्रिनामूलक पार्टी (टीएमसी) के विधायक कूणाल घोस के अनुरोध पर लोपी रिताब्रत बेनर्जी के खिलाफ 2017 के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जाँच करने का निर्देश दिया।

घोस ने एक पत्र में बताया कि उन्होंने अमित शाह को लिखकर रिताब्रत पर “राजनीतिक रूप से प्रेरित” आरोपों की जाँच की मांग की है, और यह भी कहा कि मामले को फिर से खोलने की ज़रूरत है।

यह मामला 30 वर्षीय महिला द्वारा 2017 में दायर किया गया था, जिसमें बेनर्जी पर विवाह के बहाने यौन उत्पीड़न और शोषण का आरोप था। उसी समय, महिला ने इंटिमेट फ़ोटो भी प्रकाशित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मनिका गांधी को टैग किया था।

रिताब्रत बेनर्जी को 2018 में टीएमसी से जुड़ने के बाद केस को फिसलने दिया गया, परंतु 2024 में उनके खिलाफ फिर से विवाद हुआ जब वे ममता बनर्जी के खिलाफ विद्रोह में शामिल हुए।

Why This Matters

बंगाल सरकार की जांच की गति और निष्पक्षता राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है। यदि मामला गहराई से जाँचा जाता है, तो यह विरोधी दलों के बीच शक्ति गतिशीलता को पुनर्परिभाषित कर सकता है।

“राजनीतिक मामलों में यौन उत्पीड़न के आरोप, यदि सही ढंग से जाँचे जाएँ, तो शासन पर गहरा असर डालते हैं,” कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक प्रिया सिंह।
Did You Know?: 2017 में दायर इस मामले को 2024 में फिर से सार्वजनिक चर्चा में लाया गया क्योंकि रिताब्रत बेनर्जी ने ट्रिनामूलक पार्टी में प्रवेश किया।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या रिताब्रत बेनर्जी पर पहले भी कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
A1: 2017 के मामले में उन्हें पुलिस ने जाँच के दौरान पूछताछ की, परंतु बाद में मामला फिसल गया।

Q2: क्या यह जाँच राजनीतिक पक्षपात से प्रभावित हो सकती है?
A2: वर्तमान में यह सवाल है कि क्या केंद्र और राज्य सरकार इस मामले को निष्पक्ष रूप से संभालेंगी।