नागालैंड विधानसभा ने विदेशी नागरिकों के प्रवेश को नियंत्रित करने वाले संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) को समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह कदम दिसंबर 2024 में लागू की गई नई प्रतिबंधात्मक व्यवस्था के विरोध में उठाया गया है।
- नागालैंड विधानसभा ने संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) को वापस लेने का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया।
- दिसंबर 17, 2024 को PAP व्यवस्था को फिर से लागू किया गया था, जिससे विदेशी नागरिकों का प्रवेश कठिन हो गया है।
- राज्य सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था स्थानीय विकास और पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
नागालैंड की विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए केंद्र सरकार से संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) शासन को तत्काल वापस लेने का आग्रह करने वाला एक प्रस्ताव पारित किया है। यह निर्णय उस समय आया है जब राज्य में विदेशी नागरिकों के प्रवेश को नियंत्रित करने वाली सख्त नियमन प्रणाली ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा छेड़ दी है।
गौरतलब है कि नागालैंड में PAP व्यवस्था को 2011 में शिथिल कर दिया गया था, जिससे विदेशी पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुंचना आसान हो गया था। हालांकि, 17 दिसंबर, 2024 को केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इस व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया गया, जिसने राज्य के भीतर विदेशी नागरिकों के आवागमन पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नागालैंड में सुरक्षा और पहचान संबंधी चिंताओं के कारण समय-समय पर प्रवेश नियमों में बदलाव होते रहे हैं। 2011 में नियमों में ढील देना राज्य के आर्थिक सुधारों और वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था। लेकिन हालिया पुनरुद्धार ने स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के बीच असंतोष पैदा कर दिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि PAP व्यवस्था का पुनरुद्धार न केवल पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, बल्कि यह केंद्र-राज्य संबंधों में एक नए तनाव का बिंदु भी बन सकता है। नागालैंड जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य में, सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है।
संरक्षित क्षेत्र परमिट का पुन: लागू होना राज्य की आर्थिक गतिशीलता और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बाधित करने वाला एक विवादास्पद निर्णय है।
विधानसभा का यह प्रस्ताव स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य सरकार का मानना है कि वर्तमान प्रतिबंध अनावश्यक हैं और वे राज्य की छवि को एक 'बंद क्षेत्र' के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
Frequently Asked Questions
1. PAP क्या है?
संरक्षित क्षेत्र परमिट (PAP) एक आधिकारिक दस्तावेज है जो विदेशी नागरिकों को भारत के कुछ अधिसूचित क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए आवश्यक होता है।
2. नागालैंड में यह कब लागू हुआ?
इसे 2011 में शिथिल किया गया था, लेकिन 17 दिसंबर, 2024 को इसे पुनः लागू कर दिया गया।