बीजेपी राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाले 12वें IPU ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियन के लिए भारतीय संसद के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है।
- राघव चड्ढा को उज्बेकिस्तान में IPU शिखर सम्मेलन के लिए नामित किया गया है।
- यह सम्मेलन 4 से 6 सितंबर तक समरकंद में आयोजित होगा।
- सम्मेलन का मुख्य विषय मानव अधिकारों और न्याय पर केंद्रित है।
- युवा सांसदों की भागीदारी से संसदीय प्रतिनिधिमंडलों को अतिरिक्त वोट और समय मिलता है।
बीजेपी राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाले 12वें इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियन में भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया गया है। यह महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन 4 से 6 सितंबर तक चलेगा।
इस नामांकन पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए, राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह इस प्रतिष्ठित मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस अवसर के लिए भारत के माननीय उपराष्ट्रपति के प्रति अपना आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस प्रतिनिधिमंडल के लिए चुना है।
सम्मेलन का महत्व और विषय
इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है: 'अशांत समय में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और गरिमा की पुनर्स्थापना'। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर के युवा विधायी सदस्य संघर्षों में युवा अधिकारों, डिजिटल सुरक्षा, जलवायु लचीलापन और युवाओं के लिए आर्थिक अवसरों जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस करेंगे।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और युवाओं की एक विशाल आबादी का घर है, हमारे पास वैश्विक मंच पर साझा करने के लिए बहुत कुछ है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह सम्मेलन न केवल युवा नेताओं के लिए एक मंच है, बल्कि यह भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को संसदीय स्तर पर मजबूत करने का भी एक माध्यम है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद, यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच राजनयिक गति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU), जिसकी स्थापना 1889 में हुई थी और जिसका मुख्यालय जिनेवा में है, राष्ट्रीय संसदों का दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा निकाय है। इसमें 180 सदस्य संसदें और 15 सहयोगी सदस्य शामिल हैं। 2018 में, IPU ने युवा सांसदों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रणाली शुरू की थी, जिसके तहत युवा सांसदों को लाने वाले प्रतिनिधिमंडलों को अतिरिक्त वोट और बोलने का समय दिया जाता है।
Frequently Asked Questions
1. IPU सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दुनिया भर के विभिन्न संसदों के बीच संवाद स्थापित करना और वैश्विक चुनौतियों जैसे मानवाधिकार और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करना है।
2. राघव चड्ढा को किसने नामित किया है?
राघव चड्ढा को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा इस प्रतिनिधिमंडल के लिए नामित किया गया है।