तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के काफिले की सुरक्षा में सेंधमारी की घटना सामने आई है, जहाँ हिरासत में मौत के शिकार आकाश डेलिसन के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी को चोट भी आई है।
- मुख्यमंत्री विजय के काफिले के पास सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की गई।
- आकाश डेलिसन के परिजनों ने पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग की।
- विरोध के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया।
- पुलिस ने सुरक्षा उल्लंघन के आरोप में आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के काफिले की सुरक्षा में एक गंभीर चूक की घटना सामने आई है। गुरुवार को जब मुख्यमंत्री का काफिला उनके नीलाங்கரை स्थित आवास से सचिवालय की ओर जा रहा था, तब शिवगंगा जिले के दिवंगत युवक आकाश डेलिसन के परिजनों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर काफिले को रोकने का प्रयास किया।
यह घटना तब हुई जब फोर्ट सेंट जॉर्ज के प्रवेश द्वार के पास लगभग 100 लोगों की भीड़ जमा थी। भीड़ में आकाश डेलिसन के पिता राजेश कन्नन (50) और उनकी पत्नी आनंदी (43) शामिल थे। परिजनों का आरोप है कि मार्च में मनमदुरई पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान आकाश की संदिग्ध मौत के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह घटना न केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि राज्य में पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों और न्याय मिलने में देरी से उपजे जन असंतोष को भी उजागर करती है। सुरक्षा में इस तरह की चूक उच्च-स्तरीय प्रोटोकॉल की विफलता का संकेत देती है।
पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें अक्सर कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के बीच एक खतरनाक टकराव पैदा करती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही समूह ने बैरिकेड्स को पार किया, सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस संघर्ष के दौरान टोंडीअर्पेट पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल रामकुमार को धक्का लगा और वे गिर गए, जिससे उन्हें मामूली चोट आई। पुलिस का कहना है कि राजेश कन्नन ने बैरिकेड तोड़कर काफिले की ओर दौड़ लगाई और कांस्टेबल को छाती पर मुक्का मारा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
आकाश डेलिसन का मामला तमिलनाडु में पुलिसिया बर्बरता के लंबे इतिहास का हिस्सा बन गया है। मार्च 2026 में हुई इस घटना के बाद से ही परिवार CB-CID जांच की मांग कर रहा है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
Frequently Asked Questions
1. सुरक्षा में चूक का मुख्य कारण क्या था?
परिजनों द्वारा अचानक बैरिकेड्स को तोड़कर काफिले की ओर दौड़ने के कारण सुरक्षा घेरा टूट गया।
2. क्या किसी पर कानूनी कार्रवाई की गई है?
हाँ, पुलिस ने सुरक्षा उल्लंघन के आरोप में राजेश कन्नन सहित आठ लोगों को हिरासत में लिया है।