कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पार्क्स संशोधन विधेयक को वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह जनभावनाओं का सम्मान करने के लिए किया गया है। उन्होंने लालबाग के माध्यम से सुरंग बनाने की खबरों को भी गलत बताया।

  • मुख्यमंत्री ने पार्क्स संशोधन विधेयक को वापस लेने के फैसले को 'यू-टर्न' नहीं बल्कि जनभावनाओं का सम्मान बताया।
  • सरकार ने स्पष्ट किया कि लालबाग के बीच से सुरंग बनाने का कोई इरादा नहीं है।
  • शिवकुमार ने भाजपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया।
  • मेट्रो और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए भूमि हस्तांतरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए पार्क्स (संरक्षण) संशोधन विधेयक को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार को विधेयक वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा और यह एक 'यू-टर्न' है।

शिवकुमार ने तर्क दिया कि सरकार का निर्णय जनता की भावनाओं का सम्मान करने और इस महत्वपूर्ण कानून पर व्यापक चर्चा के लिए रास्ता खोलने के उद्देश्य से लिया गया था। उन्होंने कहा, "मैं यू-टर्न क्यों लूँ? हमने लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है। यदि हम सुझावों को स्वीकार करते हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि मैंने यू-टर्न लिया है?"

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु के हरित आवरण (Green Cover) और शहरी बुनियादी ढांचे के बीच बढ़ते संघर्ष का प्रतीक है। प्रस्तावित विधेयक में पार्कों की 5% भूमि को सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए उपयोग करने की अनुमति देने का प्रावधान था, जिसका नागरिक समूहों और भाजपा ने कड़ा विरोध किया था।

"जनता की भागीदारी और लोकतांत्रिक चर्चा किसी भी बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट की सफलता के लिए अनिवार्य है।"

मुख्यमंत्री ने लालबाग के संबंध में चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रस्तावित 16.5-किमी टनल रोड परियोजना के लिए लालबाग के माध्यम से सुरंग बनाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वैकल्पिक मार्गों की जांच की जाएगी।

भाजपा पर निशाना साधते हुए, शिवकुमार ने उन्हें 'विकास विरोधी' करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अतीत में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष टनल रोड के खिलाफ है, तो उनके पास बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए क्या वैकल्पिक योजना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कर्नाटक सरकार पार्क (संरक्षण) अधिनियम, 1975 के तहत पार्कों की सुरक्षा करती है। हालिया संशोधन का उद्देश्य शहरीकरण की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पार्कों के कुछ हिस्से का उपयोग करना था, लेकिन पर्यावरणविदों ने इसे पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा बताया।

Did You Know?: लालबाग बेंगलुरु के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण पार्कों में से एक है, जो शहर के 'फेफड़ों' के रूप में जाना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या सरकार लालबाग के बीच से सुरंग बनाएगी?
नहीं, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लालबाग के माध्यम से सुरंग बनाने का कोई इरादा नहीं है और वैकल्पिक मार्गों पर विचार किया जाएगा।

2. पार्क्स बिल को वापस क्यों लिया गया?
विधेयक को इसलिए वापस लिया गया ताकि जनता की चिंताओं को सुना जा सके और इस विषय पर अधिक व्यापक चर्चा की जा सके।