आंध्र प्रदेश में 54.73% वर्षा की कमी के कारण कृषि संकट गहरा गया है। YSRCP नेता एम.वी.एस. नागी रेड्डी ने सरकार से सूखे की आपात स्थिति घोषित करने और किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
- आंध्र प्रदेश के 685 में से 653 मंडलों में वर्षा में भारी कमी दर्ज की गई है।
- YSRCP ने राज्य में 'सूखा आपातकाल' घोषित करने की मांग की है।
- किसानों को प्रति एकड़ के आधार पर मुआवजा देने और लंबित सब्सिडी जारी करने की मांग की गई है।
आंध्र प्रदेश में मानसून की विफलता ने राज्य के कृषि परिदृश्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के कृषि और किसान कल्याण राज्य महासचिव, एम.वी.एस. नागी रेड्डी ने रविवार को ताडेपल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार से राज्य में 'सूखा आपातकाल' घोषित करने की पुरजोर मांग की।
नागी रेड्डी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में वर्षा में 54.73% की भारी कमी दर्ज की गई है। यह संकट राज्य के 685 मंडलों में से 653 मंडलों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से अन्नमया, प्राकासम, चित्तूर, मरकपुरम और विशाखापत्तनम जिलों में स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया।
कृषि क्षेत्र में भारी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में खेती के तहत आने वाला कुल क्षेत्रफल भी काफी कम हो गया है। जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर 98.3% और तेलंगाना में 91.84% सामान्य खेती का क्षेत्र कवर हुआ है, वहीं आंध्र प्रदेश में यह आंकड़ा मात्र 69% रह गया है। मूंगफली, कपास, मक्का, ज्वार, बाजरा और दलहन जैसी प्रमुख फसलें इस सूखे की मार झेल रही हैं।
सरकार को केवल वैकल्पिक फसलों की सलाह देने के बजाय सिंचाई सुविधाओं और रियायती बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
बौज़ोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण: क्यों यह संकट गंभीर है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि किसानों पर इस समय दोहरा बोझ है। एक ओर खेती की लागत में बेतहाशा वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर कपास, प्याज, मक्का, केला और तंबाकू जैसी फसलों के बाजार मूल्य में गिरावट आई है। कृष्णा डेल्टा जैसे क्षेत्रों में, जहाँ धान की खेती मुख्य आधार है, सरकार द्वारा फसल बदलने का सुझाव देना व्यावहारिक नहीं है। कृष्णा जिले में 3.34 लाख एकड़ में से 3.28 लाख एकड़ में धान की खेती की जाती है।
नागी रेड्डी ने मांग की है कि सरकार फसल नुकसान का तुरंत आकलन करे और प्रति एकड़ के आधार पर मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित करे। इसके साथ ही, उन्होंने लंबित इनपुट सब्सिडी, फसल बीमा, ब्याज मुक्त ऋण और 'अन्नदाता सुखीभावा' भुगतान को तुरंत जारी करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आंध्र प्रदेश के किन जिलों में सूखे की स्थिति सबसे गंभीर है?
उत्तर: अन्नमया, प्राकासम, चित्तूर, मरकपुरम और विशाखापत्तनम जिलों में स्थिति सबसे खराब है।
प्रश्न 2: YSRCP ने सरकार से क्या मुख्य मांगें रखी हैं?
उत्तर: सूखा आपातकाल घोषित करना, प्रति एकड़ मुआवजा देना और लंबित कृषि सब्सिडी जारी करना।