अंड्राह प्रैडश के YSR कॉंग्रेस पार्टी ने सरकार पर अपनी आलोचनात्मक आवाज़ को दबाने के लिए सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रवक्ता पुट्टा शिव शंकर ने इस कदम को ‘DSC भर्ती प्रक्रिया’ पर प्रकाश डालने के प्रयास के रूप में देखा और कहा कि यह कार्रवाई उनकी अभियान को रोक नहीं पाएगी।
- YSRCP ने सरकार पर सोशल मीडिया ब्लॉक करने का आरोप लगाया
- पार्टी के प्रवक्ता ने 'DSC भर्ती प्रक्रिया' में कथित अनियमितताओं को उजागर किया
- ब्लॉकिंग के बावजूद, YSRCP अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर अभियान जारी रखने का इरादा रखता है
अंड्राह प्रैडश के राजधानी विजयवाडा में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में YSR कॉंग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पुट्टा शिव शंकर ने सरकार पर अपनी आलोचनात्मक आवाज़ को दबाने के लिए सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि यह कदम पार्टी और उसके समर्थकों के खातों पर लागू हुआ, जब वे ‘डिस्क्रिमिनेशन स्क्रिनिंग कमिटी’ (DSC) भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर प्रकाश डाल रहे थे।
पुट्टा शिव शंकर ने बताया कि DSC प्रक्रिया में एक उम्मीदवार को टेट (टेस्ट ऑफ एजुकेशन) के बिना नियुक्त किया गया, आरक्षण मानदंडों से विचलन और खेल कोटा से संबंधित समस्याएँ थीं, जिन पर सार्वजनिक बहस चल रही थी। सरकार की साइबर अपराध इकाई ने मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) से संपर्क किया और संबंधित खातों पर प्रतिबंध लगा दिया।
पार्टी ने कहा कि यह कार्रवाई उनकी अभियान को रोक नहीं पाएगी। वे मेटा से प्रभावित खातों की पुनर्स्थापना के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करेंगे और सोशल मीडिया के वैकल्पिक प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी आवाज़ उठाना जारी रखेंगे। YSRCP ने यह भी बताया कि वे अपने समर्थकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना भारत की डिजिटल लोकतंत्र की परिपक्वता पर गहरा सवाल उठाती है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर ब्लॉकिंग और सरकारी हस्तक्षेप का मुद्दा न केवल राजनीतिक संवाद को प्रभावित करता है, बल्कि नागरिक स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार पर भी असर डालता है।
“डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ब्लॉकिंग केवल राजनीतिक विपक्ष को दबाने का साधन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श को भी बाधित करती है।”
Frequently Asked Questions
Q1: क्या YSRCP के ब्लॉक किए गए खातों को फिर से सक्रिय किया जा सकता है?
A1: पार्टी ने मेटा के साथ पुनर्स्थापना के लिए कानूनी कदम उठाने की योजना बनाई है।
Q2: क्या अन्य राजनीतिक दलों ने भी इसी तरह का अनुभव किया है?
A2: पिछले वर्ष में कई दलों ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों का सामना किया, परंतु यह घटना विशेष रूप से DSC मुद्दे से जुड़ी है।