केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में 28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अंतर-राज्य समन्वय और सहकारी शासन पर जोर दिया गया। बैठक में गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख नेता शामिल हुए।
- अमित शाह ने गोवा में 28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतर-राज्य समन्वय और सहकारी शासन को मजबूत करना है।
- बैठक में गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- नारकोटिक्स नियंत्रण और 'विकसित भारत' के तहत नशामुक्त भारत के रोडमैप पर चर्चा की गई।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 7 सितंबर, 2026 को गोवा में 28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। पणजी के पास एक होटल में आयोजित इस बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और शासन की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर गहन चर्चा की गई।
इस उच्च स्तरीय बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने भाग लिया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के उच्च अधिकारियों की भी उपस्थिति रही, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सहकारी संघवाद की ओर एक कदम
बैठक का मुख्य एजेंडा अंतर-राज्यीय समन्वय और सहकारी शासन को बढ़ावा देना था। अधिकारियों के अनुसार, अंतर-राज्य परिषद सचिवालय और प्रतिभागी राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। परिषद का उद्देश्य राज्यों के बीच विवादों को सुलझाना और विकास के लिए एक मंच प्रदान करना है।
क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका केवल सलाहकार नहीं है, बल्कि ये भारत के संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती हैं।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बैठक केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। अमित शाह ने अपनी तीन दिवसीय गोवा यात्रा के दौरान नशामुक्त भारत के लक्ष्य पर भी जोर दिया। उन्होंने 'विकसित भारत' पहल के हिस्से के रूप में 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संरचना
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव शामिल हैं। इन परिषदों की स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धाराओं 15 से 22 के तहत की गई थी। अमित शाह इस परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि गोवा के मुख्यमंत्री वर्तमान में इसके उपाध्यक्ष हैं। उपाध्यक्ष का पद प्रत्येक वर्ष सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच रोटेशन के आधार पर बदलता रहता है।
Frequently Asked Questions
1. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में कौन से राज्य शामिल हैं?
इसमें गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव शामिल हैं।
2. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद का अध्यक्ष कौन होता है?
केंद्रीय गृह मंत्री पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।