मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में तेलंगाना विधानसभा परिसर में 'दुद्दिला श्रीपाद राव सेंट्रल हॉल' का उद्घाटन किया। यह हॉल संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

  • मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नए सेंट्रल हॉल का उद्घाटन किया।
  • हॉल का नाम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दुद्दिला श्रीपाद राव के सम्मान में रखा गया है।
  • इसका उद्देश्य विधायकों और MLCs के लिए संवाद हेतु एक गरिमामय स्थान प्रदान करना है।

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 7 सितंबर, 2026 को तेलंगाना विधान सभा परिसर में नए निर्मित 'दुद्दिला श्रीपाद राव सेंट्रल हॉल' का औपचारिक उद्घाटन किया। इस गरिमामय समारोह में विधान परिषद के सभापति गुट्टा सुखेन्डर रेड्डी और विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस उद्घाटन समारोह में राज्य के कई कैबिनेट मंत्री, विधायक (MLAs) और विधान परिषद सदस्य (MLCs) भी शामिल हुए। इस नए हॉल का नाम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दुद्दिला श्रीपाद राव के सम्मान में रखा गया है, जो वर्तमान आईटी और उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू के पिता हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई विधायकों और नेताओं के साथ संवाद भी किया।

लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि उन्हें इस सेंट्रल हॉल का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह हॉल तेलंगाना के लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायी परंपराओं का एक स्थायी प्रतीक बनेगा।

उन्होंने आगे कहा कि संसदीय लोकतंत्र की समृद्ध परंपराओं से प्रेरित यह हॉल विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को विचार-विमर्श करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और महत्वपूर्ण विधायी एवं औपचारिक अवसरों में भाग लेने के लिए एक गरिमामय स्थान प्रदान करेगा।

संसदीय मॉडल की ओर एक कदम

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रेड्डी ने पहले ही संकेत दिया था कि वे चाहते हैं कि तेलंगाना विधानसभा में संसद की तर्ज पर एक सेंट्रल हॉल हो। यह विचार उनके मन में तब आया जब वे 2019 से 2023 तक संसद सदस्य (MP) थे। उनका मानना है कि सेंट्रल हॉल सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच चर्चा और संवाद के लिए एक लोकतांत्रिक स्थान प्रदान करता है, जो राज्य की विधायी परंपराओं को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, विधानसभा के भीतर एक समर्पित सेंट्रल हॉल का निर्माण केवल एक बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह विधायी संवाद की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है। यह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच स्वस्थ चर्चा के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करेगा, जो संसदीय लोकतंत्र की परिपक्वता का संकेत है।

यह नया हॉल तेलंगाना की विधायी गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और लोकतांत्रिक बहस के लिए एक नया अध्याय लिखेगा।
Did You Know?: तेलंगाना विधानसभा का नया सेंट्रल हॉल विशेष रूप से संसद (Parliament) के मॉडल को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है ताकि विधायी चर्चाओं को बेहतर बनाया जा सके।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस हॉल का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
उत्तर: इस हॉल का नाम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दुद्दिला श्रीपाद राव के सम्मान में रखा गया है।

प्रश्न 2: इस हॉल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य विधायकों और MLCs को विचार-विमर्श और महत्वपूर्ण विधायी कार्यक्रमों के लिए एक गरिमामय स्थान प्रदान करना है।