उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 1.3 लाख से अधिक नाम हटाने के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 85% अकेले चार जिलों से हैं। चुनाव आयोग ने अब अंतिम मतदाता सूची जारी करने की समय सीमा बढ़ाकर 3 अक्टूबर कर दी है।

  • उत्तराखंड में 1.3 लाख से अधिक 'फॉर्म-7' (नाम हटाने के लिए) आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल मिलकर कुल आवेदनों का 85% हिस्सा हैं।
  • निर्वाचन आयोग ने दावा और आपत्ति निपटान की समय सीमा 17 दिन बढ़ाकर 28 सितंबर कर दी है।
  • अंतिम मतदाता सूची अब 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने चुनावी नामावली में सुधार के लिए प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटान की समय सीमा को 17 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर के बजाय 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में नाम हटाने (फॉर्म-7) के लिए कुल 1,30,382 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य के 13 जिलों में से केवल 4 जिले—उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल—कुल आवेदनों का 85% से अधिक हिस्सा रखते हैं। उधम सिंह नगर अकेले 34% आवेदनों के साथ सबसे ऊपर है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाने के अनुरोधों का होना प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित (ASD श्रेणी) मतदाताओं के नाम सूची से हट जाएं, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कट जाए।

निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी वैध मतदाता को मताधिकार से वंचित न किया जाए।

इस संशोधन प्रक्रिया के दौरान भारी कार्यभार देखा जा रहा है। वर्तमान में 86,250 फॉर्म-7 आवेदन अभी भी प्रक्रियाधीन हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि अतिरिक्त समय का उपयोग लंबित दावों और आपत्तियों के गहन सत्यापन के लिए किया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: उत्तराखंड में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक जटिल प्रक्रिया है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पलायन (Migration) अधिक है। पूर्व में भी, चुनाव आयोग ने 'अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत' (ASD) श्रेणी के तहत लाखों रिकॉर्ड्स की पहचान की थी, जिसके कारण व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया गया था।

जिलाकुल फॉर्म-7 आवेदनप्रक्रियाधीन आवेदन
उधम सिंह नगर43,87834,903
हरिद्वार29,36917,554
देहरादून19,40211,262
नैनीताल18,30111,498
Did You Know?: फॉर्म-7 का मतलब यह नहीं है कि नाम तुरंत हटा दिया जाएगा; इसके लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी द्वारा गहन जांच और फील्ड सत्यापन अनिवार्य है।

Frequently Asked Questions

1. नई मतदाता सूची कब जारी होगी?
अंतिम मतदाता सूची अब 3 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

2. फॉर्म-7 क्या है?
यह वह आवेदन है जिसका उपयोग मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है।