पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी एक विज्ञापन में देवी दुर्गा को 10 के बजाय 11 हाथों के साथ दिखाने पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस धार्मिक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- पश्चिम बंगाल सरकार के विज्ञापन में देवी दुर्गा को 11 हाथों के साथ दिखाया गया।
- मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस 'धार्मिक त्रुटि' के लिए राज्य की जनता से माफी मांगी।
- विपक्षी दलों ने इसे बंगाली संस्कृति और परंपरा का अपमान बताया है।
- भाजपा नेता ने इसे विज्ञापन एजेंसी की गलती बताते हुए मामले को शांत करने की कोशिश की।
पश्चिम बंगाल में एक सरकारी विज्ञापन ने राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार, 7 सितंबर, 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित एक विज्ञापन में देवी दुर्गा को उनके पारंपरिक 10 हाथों के बजाय 11 हाथों के साथ चित्रित किया गया। इस दृश्य त्रुटि ने न केवल सोशल मीडिया पर आक्रोश पैदा किया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा समन्वय बैठक के दौरान इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं इस त्रुटि के लिए माफी मांगता हूं। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। भविष्य में, सरकार इस तरह की गलतियों के प्रति अत्यंत सतर्क रहेगी।"
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक ग्राफिक डिजाइनिंग की गलती नहीं है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा मुद्दा है। बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा है। देवी को 'दशभुजा' (दस हाथों वाली) कहा जाता है, और उनके स्वरूप में किसी भी प्रकार का बदलाव धार्मिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
धार्मिक प्रतीकों के साथ ऐसी चूक न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि यह गहरी सांस्कृतिक असंवेदनशीलता का भी संकेत देती है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि सरकार बंगाली संस्कृति और परंपराओं को संभालने में विफल रही है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने तीखा हमला करते हुए कहा, "वे सनातन संस्कृति की बात करते हैं, लेकिन खुद देवी के स्वरूप को विकृत कर रहे हैं।"
वहीं, सीपीआई(एम) के नेता शतरूप घोष ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह विज्ञापन सरकार द्वारा दिया गया एक 'शक्तिशाली संदेश' है, जो उन लोगों को जवाब देने के लिए है जो बंगाली संस्कृति पर प्रहार करना चाहते हैं। दूसरी ओर, भाजपा के राज्य अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने इस मुद्दे को कमतर करने का प्रयास करते हुए कहा कि अतिरिक्त हाथ देवी को और अधिक 'शक्तिशाली' बनाते हैं, हालांकि उन्होंने इसे विज्ञापन एजेंसी की गलती भी माना।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हिंदू धर्मग्रंथों और विशेष रूप से बंगाल की परंपराओं में, देवी दुर्गा का स्वरूप अत्यंत विशिष्ट है। उन्हें 'दशभुजा' के रूप में पूजा जाता है, जहाँ उनके दस हाथ विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों और शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह स्वरूप बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विज्ञापन में क्या गलती हुई थी?
उत्तर: विज्ञापन में देवी दुर्गा को उनके पारंपरिक 10 हाथों के बजाय 11 हाथों के साथ दिखाया गया था।
प्रश्न 2: मुख्यमंत्री की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस त्रुटि के लिए माफी मांगी और दोषियों को चेतावनी देने की बात कही।