कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली में 'दिशा' बैठक के दौरान जिले की खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाते हुए जिलाधिकारी से जवाब मांगा। इस घटना के बाद यूपी सरकार के मंत्री ने उन पर तीखा पलटवार किया है।
- राहुल गांधी ने रायबरेली में 'दिशा' बैठक के दौरान सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया।
- जिलाधिकारी ने सड़कों की खराब स्थिति के लिए बारिश को जिम्मेदार ठहराया।
- यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
- सांसद ने व्यापारियों और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया। बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में राहुल गांधी ने जिले की सड़कों की जर्जर स्थिति को लेकर अधिकारियों को घेरा। उन्होंने बैठक के दौरान जिलाधिकारी (DM) को मोबाइल में गड्ढों वाली सड़कों की तस्वीरें दिखाईं और पूछा कि आखिर रखरखाव के बावजूद सड़कें इतनी खराब क्यों हैं।
इस गंभीर सवाल पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन ने बताया कि इनमें से कई सड़कों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और शेष सड़कों की निगरानी लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की जा रही है। राहुल गांधी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this move is not just about infrastructure, but a strategic attempt to connect with the grassroots before the upcoming 2027 UP Assembly elections. By highlighting basic civic failures like 'potholed roads', Rahul Gandhi is attempting to position himself as an accessible and vigilant representative of the people, contrasting with the perceived detachment of the state administration.
"When a Member of Parliament uses visual evidence in an official monitoring meeting, it puts direct pressure on the bureaucracy to deliver results beyond standard reports."
हालांकि, इस बैठक के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे केवल अपनी 'TRP' बढ़ाने के लिए रायबरेली आते हैं। मंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी को सरकारी योजनाओं की बुनियादी जानकारी तक नहीं है और वे दिल्ली से आए सहायकों की पर्चियों के आधार पर सवाल पूछ रहे थे।
प्रशासनिक बैठक के अलावा, राहुल गांधी ने स्थानीय व्यापारियों, वकीलों और फार्मासिस्टों से भी मुलाकात की। प्रभु टाउन में सराफा व्यापारियों ने सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और जीएसटी से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा, जिसे राहुल गांधी ने संसद में उठाने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कोटवा मदानिया के पास बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी व्यथा सुनी और प्राथमिकता के आधार पर समाधान का भरोसा दिलाया।
Frequently Asked Questions
1. राहुल गांधी ने दिशा बैठक में किस मुख्य मुद्दे को उठाया?
राहुल गांधी ने रायबरेली की सड़कों की खस्ता हालत और गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए जिलाधिकारी से जवाब मांगा।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है और वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए दौरे कर रहे हैं।