गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के दौरान अपनी सीट पर बैठे रहे। बीजेपी ने इसे लोकतंत्र और राष्ट्र का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला 'वंदे मातरम' के दौरान खड़े नहीं हुए।
- बीजेपी मंत्री प्रवीण माली ने इसे संसदीय परंपराओं और भारत माता का अपमान बताया।
- कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राष्ट्रीय गीत के संस्करण को लेकर अलग-अलग स्टैंड नजर आ रहे हैं।
गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत एक बड़े राजनीतिक विवाद के साथ हुई है। सदन की कार्यवाही के दौरान जब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का गायन किया जा रहा था, तब कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला अपनी सीट पर ही बैठे रहे। इस घटना ने सदन में तनाव पैदा कर दिया और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति घोर अनादर करार दिया है।
गुजरात सरकार के मंत्री प्रवीण माली ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के समय न खड़ा होना केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि देश और हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली का सीधा अपमान है। माली ने कांग्रेस पार्टी से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या यह खेड़ावाला का व्यक्तिगत निर्णय था या पार्टी का आधिकारिक स्टैंड है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident is not merely a breach of protocol but reflects a deeper ideological divide within the opposition. While the BJP uses such incidents to project the opposition as 'anti-national', the internal conflict within the INDIA bloc—specifically between Congress and National Conference—regarding the length and version of 'Vande Mataram' reveals a lack of cohesive strategy on national symbols.
"The refusal to stand during a national song in a legislative assembly is a violation of parliamentary etiquette that transcends party lines and touches upon national sentiment."
इस विवाद की पृष्ठभूमि में गृह मंत्रालय के वे दिशा-निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं, जिनके तहत सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के पूरे तीन मिनट और 10 सेकंड बजाने का प्रावधान है। गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया गांधी ने भी गीत के सभी छह छंदों के गायन पर आपत्ति जताई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर एक निश्चित दृष्टिकोण है।
दूसरी ओर, INDIA गठबंधन की सहयोगी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस का रुख अलग रहा है। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला 'वंदे मातरम' के सम्मान में पूरे समय खड़े रहे, जो कांग्रेस के वर्तमान रुख के विपरीत है।
| पक्ष/पार्टी | 'वंदे मातरम' पर स्टैंड | हालिया कार्रवाई |
|---|---|---|
| बीजेपी | पूर्ण सम्मान और अनिवार्य पालन | विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की तैयारी |
| कांग्रेस | 1937 के वर्जन (दो पैरा) का समर्थन | विधायक इमरान खेड़ावाला का न खड़ा होना |
| नेशनल कॉन्फ्रेंस | पूर्ण संस्करण का सम्मान | उमर अब्दुल्ला का पूरा समय खड़े रहना |
Frequently Asked Questions
1. इमरान खेड़ावाला पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उन पर आरोप है कि उन्होंने गुजरात विधानसभा में 'वंदे मातरम' के दौरान अपनी सीट पर बैठकर राष्ट्रीय गीत और संसदीय परंपराओं का अपमान किया।
2. कांग्रेस का 'वंदे मातरम' को लेकर क्या आधिकारिक स्टैंड है?
कांग्रेस ने CWC में स्पष्ट किया था कि वह 1937 के वर्जन का पालन करेगी और गीत के केवल दो पैरा ही गाएगी।