तेलंगाना में बीआरएस अध्यक्ष के फार्महाउस के बाहर दलित समूहों के विरोध प्रदर्शन के बाद स्थल को 'शुद्ध' करने के लिए हल्दी का पानी छिड़कने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा एससी मोर्चा ने इसे दलित समुदाय का अपमान बताया है।
- केसीआर के फार्महाउस के बाहर दलित विरोध स्थल पर हल्दी का पानी छिड़कने की घटना की भाजपा ने निंदा की।
- भाजपा ने इसे जातिवादी मानसिकता और दलित समुदाय के सम्मान पर चोट बताया।
- कांग्रेस और बीआरएस पर दलितों को केवल 'वोट बैंक' समझने का आरोप लगाया गया।
तेलंगाना में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब भाजपा एससी मोर्चा ने एक दलित विरोध स्थल के कथित 'शुद्धिकरण' की कड़े शब्दों में निंदा की। यह घटना बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फार्महाउस के बाहर हुई, जहां दलित समूहों ने पारंपरिक ढोल बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
भाजपा राज्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एससी मोर्चा के राज्य अध्यक्ष कांति किरण ने आरोप लगाया कि दलित प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद उस क्षेत्र में हल्दी का पानी छिड़का गया। उन्होंने इस कृत्य को दलित समुदाय का अपमान बताते हुए कहा कि यह एक प्रतिगामी मानसिकता को दर्शाता है और पुराने जमाने की भेदभावपूर्ण प्रथाओं को पुनर्जीवित करने जैसा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं है, बल्कि तेलंगाना में जाति आधारित राजनीति का एक बड़ा मोड़ है। 'शुद्धिकरण' के मुद्दे को उठाकर भाजपा खुद को दलितों के सम्मान के एकमात्र रक्षक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, जबकि वह बीआरएस और कांग्रेस को केवल दिखावा करने वाला बता रही है।
श्री किरण ने विधानसभा अध्यक्ष, जो दलित समुदाय से आते हैं, के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा के उपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों का दावा करने वालों का ऐसा व्यवहार उनके भीतर छिपी दलित-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस युवा विंग द्वारा संत रविदास महाराज के पोस्टरों पर काली स्याही डालने का भी आरोप लगाया।
किसी हाशिए पर रहने वाले समुदाय के जाने के बाद उस स्थान को 'शुद्ध' करना अस्पृश्यता के प्रतीकात्मक सुदृढीकरण जैसा है, जो डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक गारंटियों को चुनौती देता है।
भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी दोनों पर दलितों से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से दलित मुख्यमंत्री बनाने के वादे और 'दलित घोषणापत्र' की विफलता का उल्लेख किया।
भाजपा का दावा है कि मोदी सरकार बाबासाहेब अंबेडकर के विजन के अनुरूप दलित समुदाय के वास्तविक सशक्तिकरण और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि राज्य में दलितों के अधिकारों और गरिमा से समझौता किया गया, तो वह मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भाजपा एससी मोर्चा के विरोध का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर के फार्महाउस के बाहर दलित प्रदर्शन स्थल पर हल्दी का पानी छिड़ककर उसे 'शुद्ध' करने का कथित प्रयास है।
इस मामले में किन राजनीतिक दलों को निशाना बनाया गया है?
भाजपा ने मुख्य रूप से बीआरएस (केसीआर) और कांग्रेस (मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी) पर हमला बोला है।