CPI(M) महासचिव एम.ए. बेबी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पार्टी को निशाना बनाने को एक बड़ी गलती बताया और केरल कांग्रेस के 'दोहरे मापदंडों' की कड़ी आलोचना की।

  • एम.ए. बेबी ने ईडी को भाजपा का 'एक्सटेंडेड डिपार्टमेंट' करार दिया।
  • दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही संबंधित मामले में याचिका खारिज कर दी थी।
  • केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और कांग्रेस नेतृत्व पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एम.ए. बेबी ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि यह एजेंसी स्वतंत्र रूप से कार्य करने के बजाय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक 'विस्तारित विभाग' के रूप में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के डर से CPI(M) के नेता भाजपा में शामिल होने जैसे कदम कभी नहीं उठाएंगे।

ईडी की हालिया कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री बेबी ने कहा कि एजेंसी ने पार्टी नेतृत्व को निशाना बनाकर एक बहुत बड़ी गलती की है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस मुद्दे को ईडी अब उठा रहा है, उसे पहले ही मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यकाल के दौरान एक कांग्रेस विधायक द्वारा अदालतों में चुनौती दी जा चुकी है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि शिकायतकर्ता ने पहले विजिलेंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने इसे खारिज कर दिया। श्री बेबी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यदि शिकायतकर्ता के कोई उद्देश्य हैं, तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this confrontation highlights the deepening polarization in Kerala's political landscape. The clash is not just between a party and an agency, but a strategic battle where the Left is attempting to frame the central agencies as tools of political vendetta to consolidate its base against the BJP and Congress.

केंद्र की जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है।

एम.ए. बेबी ने केवल ईडी ही नहीं, बल्कि केरल कांग्रेस और विशेष रूप से मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का व्यवहार 'दोहरा' है; जब केंद्रीय एजेंसियां उनके अपने नेताओं को निशाना बनाती हैं, तो वे विरोध करते हैं, लेकिन जब वही एजेंसियां CPI(M) के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, तो वे इसका जश्न मनाते हैं।

उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि वहां सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) केरल कांग्रेस के इस 'अशिष्ट' और 'अनुचित' दृष्टिकोण को कैसे देखती है।

क्या आप जानते हैं?: प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच करता है।

Frequently Asked Questions

1. एम.ए. बेबी ने ईडी पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी के रूप में काम करने के बजाय भाजपा के एक विभाग की तरह काम कर रही है।

2. कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना क्यों की गई?
उन पर आरोप लगाया गया कि वे अपनी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई पर दुखी होते हैं लेकिन CPI(M) के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत करते हैं।