NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने MPSC अध्यक्ष विवेक भिमनवर के खिलाफ एक विस्तृत प्रेजेंटेशन पेश करते हुए उनके कार्यकाल के दौरान कथित घोटालों का खुलासा किया है। यह विवाद ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक के बाद और गहरा गया है।

  • रोहित पवार ने MPSC अध्यक्ष विवेक भिमनवर के खिलाफ 34 पन्नों की प्रेजेंटेशन पेश की।
  • परिवहन आयुक्त के रूप में कार्यकाल के दौरान HSRP नंबर प्लेट और GPRS किट खरीद में घोटाले के आरोप।
  • ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक के बाद अभ्यर्थियों द्वारा अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग।
  • विवेक भिमनवर ने सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया है।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने पुणे के पत्रकार भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान MPSC अध्यक्ष विवेक भिमनवर पर तीखा हमला बोला। पवार ने केवल वर्तमान विवादों पर बात नहीं की, बल्कि भिमनवर के प्रशासनिक करियर के पुराने पन्नों को खोलते हुए उन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

रोहित पवार द्वारा प्रस्तुत 34 पन्नों के दस्तावेज़ में यह दावा किया गया है कि जब विवेक भिमनवर महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त थे, तब उनके कार्यकाल में कई वित्तीय अनियमितताएं हुईं। इनमें मुख्य रूप से HSRP नंबर प्लेट की खरीद, वाहनों के लिए इंटरसेप्टर्स और GPRS किट की खरीद से जुड़े कथित घोटाले शामिल हैं। पवार का तर्क है कि जिस व्यक्ति पर ऐसे गंभीर आरोप हों, उसे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती संस्था MPSC का नेतृत्व नहीं करना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this is not just a political spat but a systemic crisis of trust. When the head of a recruitment body is under a cloud of suspicion, it directly impacts the morale of lakhs of aspirants. The timing of these allegations, coinciding with paper leak protests, suggests a coordinated effort to force a leadership change at MPSC to restore transparency.

पवार ने भिमनवर की IAS सेवा में पदोन्नति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस के चार निजी सचिवों में से तीन IAS बन गए, जिनमें भिमनवर भी शामिल थे। उन्होंने इसे 'पसंदीदा' अधिकारियों को लाभ पहुँचाने की प्रक्रिया बताया।

"भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और नेतृत्व पर उठते सवाल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, जो अंततः सामाजिक असंतोष को जन्म देते हैं।"

दूसरी ओर, विवेक भिमनवर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार और व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक उनके कार्यभार संभालने से पहले की घटना है, इसलिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना गलत है।

पुणे में MPSC अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर है। सोमवार को हुए एक विशाल विरोध प्रदर्शन के बाद, छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे दिल्ली के 'जंतर-मंतर' की तर्ज पर उग्र आंदोलन करेंगे।

क्या आप जानते हैं?: MPSC (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) राज्य की सबसे प्रतिष्ठित संस्था है जो प्रशासनिक सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करती है, और इसकी निष्पक्षता राज्य शासन की रीढ़ मानी जाती है।

Frequently Asked Questions

1. रोहित पवार ने विवेक भिमनवर पर क्या आरोप लगाए हैं?
पवार ने आरोप लगाया है कि भिमनवर ने परिवहन आयुक्त के रूप में HSRP नंबर प्लेट और GPRS किट की खरीद में घोटाले किए और उनकी IAS पदोन्नति संदिग्ध थी।

2. MPSC अभ्यर्थियों के विरोध का मुख्य कारण क्या है?
अभ्यर्थी ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) परीक्षा के पेपर लीक होने से नाराज हैं और अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।