पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस शासन के दौरान भारत की 'नाजुक' स्थिति और पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के सफर पर चर्चा की।
- भारत अब दुनिया की शीर्ष पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
- IMF ने वैश्विक झटकों और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के बीच भारत की 7.8% विकास दर की सराहना की है।
- कांग्रेस शासन के दौरान भारत को 'फ्रेजाइल फाइव' (Fragile Five) और 'जंक इकोनॉमी' कहा गया था।
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति उसके पिछले दशक के संघर्षों और सुधारों का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारा है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक निर्णायक शक्ति बनकर उभरा है।
रवि शंकर प्रसाद ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वैश्विक युद्धों, ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर सटीक और प्रभावशाली रही है। उन्होंने कहा कि IMF ने भारत के सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में हो रही प्रगति की विशेष रूप से सराहना की है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बयान केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह भारत की 'सॉफ्ट पावर' और आर्थिक लचीलेपन (Resilience) को वैश्विक निवेशकों के सामने पेश करने की एक रणनीति है। जब कोई देश 'फ्रेजाइल फाइव' से निकलकर शीर्ष पांच में आता है, तो यह विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए एक मजबूत संकेत होता है।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासन की कड़ी आलोचना करते हुए याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय निवेश में भारी गिरावट आ रही थी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सुझाव दे रही थीं कि ब्रिक्स में भारत ('I') के स्थान पर इंडोनेशिया को शामिल किया जाना चाहिए।
"भारत का 'जंक इकोनॉमी' से 'शाइनिंग स्टार' बनना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि नीतिगत स्थिरता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है।"
प्रसाद ने आगे कहा कि कांग्रेस के समय में नीतिगत पक्षाघात (Policy Paralysis), भ्रष्टाचार और बढ़ती मुद्रास्फीति ने देश को कमजोर कर दिया था। इसके विपरीत, आज 140 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद से भारत ब्रिक्स का सबसे चमकता हुआ सितारा बन गया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि जब भारत इस ऊंचाई पर है, तो वे ब्रिक्स से होने वाले लाभ पर संदेह क्यों कर रहे हैं।
| मानदंड (Criteria) | कांग्रेस शासन (पूर्व) | मोदी शासन (वर्तमान) |
|---|---|---|
| आर्थिक श्रेणी | फ्रेजाइल फाइव / जंक इकोनॉमी | दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाएं |
| वैश्विक धारणा | निवेश में गिरावट, अस्थिरता | ब्रिक्स का चमकता सितारा, लचीलापन |
| नीतिगत स्थिति | नीतिगत पक्षाघात (Policy Paralysis) | मजबूत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र |
Frequently Asked Questions
1. ब्रिक्स (BRICS) क्या है?
ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है।
2. IMF ने भारत की किस बात की सराहना की है?
IMF ने वैश्विक आर्थिक झटकों के बावजूद भारत की 7.8% की विकास दर और इसकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन की सराहना की है।