VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने DMK पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल ने उन्हें गठबंधन में बनाए रखने का कोई प्रयास नहीं किया।
- VCK प्रमुख ने दावा किया कि DMK ने उनकी पार्टी को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
- DMDK को अंतिम समय में शामिल करने और सीटों के गलत बंटवारे पर उठाए सवाल।
- VCK अब मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' का हिस्सा है।
एक सार्वजनिक बैठक में बोलते हुए, विदुथलाई चिरुथैगल कतची (VCK) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने अपने लंबे समय के साझेदार DMK पर गठबंधन टूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन से बाहर निकलना उनका एकतरफा निर्णय नहीं था, बल्कि यह DMK की विफलता थी।
थिरुमावलवन ने DMK द्वारा अपने सहयोगियों के साथ किए गए व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ DMK के संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि संबंध अच्छे होते, तो क्या ये दल इतनी जल्दी गठबंधन छोड़कर जाते? यह बयान DMK की गठबंधन प्रबंधन रणनीति में गहरी खामियों को उजागर करता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव तमिलनाडु के जाति-आधारित और धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव है। TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होकर, VCK खुद को एक नए शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री विजय के कैबिनेट में VCK के मंत्री की मौजूदगी यह दर्शाती है कि अब दलित और अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण नए नेतृत्व की ओर हो रहा है।
विवाद का मुख्य कारण सीट साझा करने की प्रक्रिया थी। थिरुमावलवन ने DMDK को अंतिम समय में शामिल करने और उसे अधिक सीटें आवंटित करने की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि जब पुराने सहयोगियों की सीटें कम की गईं और नए आने वाले दल को अप्रत्याशित रूप से अधिक सीटें दी गईं, तो क्या सहयोगी दल खुश होते?
DMK और VCK के बीच दरार यह दिखाती है कि क्षेत्रीय दल अब बड़े गठबंधनों में केवल अधीनस्थ भूमिका के बजाय समान भागीदारी चाहते हैं।
गठबंधन टूटने के बाद, VCK ने कांग्रेस, IUML और MDMK के साथ मिलकर 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' का गठन किया। इस गठबंधन ने तमिलनाडु में सरकार बनाई है। गठबंधन के नाम में 'विक्ट्री' (Victory) शब्द का उपयोग विशेष रूप से मुख्यमंत्री विजय के नाम के संदर्भ में किया गया है, जो उनके नेतृत्व की मजबूती को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. VCK ने DMK गठबंधन क्यों छोड़ा?
VCK ने DMK पर उन्हें रोकने का प्रयास न करने और DMDK को प्राथमिकता देते हुए सीटों का गलत बंटवारा करने का आरोप लगाया।
2. VCK अब किस गठबंधन का हिस्सा है?
VCK अब मुख्यमंत्री विजय (TVK) के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' का हिस्सा है।