सीपीएम नेता पी. शनमुगम ने तमिलनाडु सरकार से पट्टिनपक्कम में नए सचिवालय के निर्माण पर पुनर्विचार करने और सर्वदलीय सहमति बनाने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय मछुआरा समुदाय के विरोध का मुद्दा उठाया है।
- सीपीएम नेता पी. शनमुगम ने नए सचिवालय स्थल के चयन के लिए सर्वदलीय बैठक की मांग की।
- पट्टिनपक्कम (फोरशोर एस्टेट) में प्रस्तावित स्थल का स्थानीय मछुआरा समुदाय कड़ा विरोध कर रहा है।
- शनमुगम ने सरकार से आग्रह किया कि सर्वसम्मति बनने तक निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चेन्नई के पट्टिनपक्कम (फोरशोर एस्टेट) में नए सचिवालय के निर्माण के लिए सरकारी आदेश (GO) बहुत जल्दबाजी में जारी किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक मुख्यालय और विधानसभा परिसर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए सरकार को जल्दबाजी के बजाय समावेशी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
श्री शनमुगम ने मीडिया से बात करते हुए स्वीकार किया कि वर्तमान सचिवालय में जगह की भारी कमी है, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे किसी समुदाय का नुकसान न हो। उन्होंने विशेष रूप से पट्टिनपक्कम क्षेत्र में रहने वाले मछुआरा समुदाय की चिंताओं को रेखांकित किया, जो इस परियोजना का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this is not merely a land dispute but a clash between urban administrative expansion and the traditional rights of coastal communities. The government's rush to finalize the site without a broad political consensus could lead to prolonged legal battles and social unrest in the sensitive coastal belt of Chennai.
लोकतांत्रिक शासन में बुनियादी ढांचे का विकास केवल इंजीनियरिंग का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक सहमति का विषय होना चाहिए।
शनमुगम ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ दलों ने सचिवालय को शहर के बाहरी इलाकों में ले जाने का सुझाव दिया है, लेकिन वह इसे उचित नहीं मानते क्योंकि कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय अभी भी चेन्नई के मध्य भाग में स्थित हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाए ताकि एक ऐसे स्थान पर सहमति बन सके जो प्रशासनिक रूप से कुशल और सामाजिक रूप से स्वीकार्य हो।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने कल्लाकुरिची शराब त्रासदी की जांच करने वाले जस्टिस बी. गोकुलदास आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दोषी पुलिस और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों द्वारा छुट्टियों के दौरान की जाने वाली अवैध वसूली पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
Frequently Asked Questions
1. सीपीएम नए सचिवालय के पट्टिनपक्कम स्थल का विरोध क्यों कर रही है?
मुख्य कारण स्थानीय मछुआरा समुदाय का विरोध और स्थल चयन की प्रक्रिया में सर्वदलीय सहमति का अभाव है।
2. पी. शनमुगम ने सरकार को क्या विकल्प सुझाया है?
उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार एक सर्वदलीय बैठक बुलाए और निर्माण शुरू करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के विचारों को सुने।