वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अभिनेता-turned-CM विजय को कम आंका। उन्होंने करूर भगदड़ मामले में विजय के प्रति डीएमके के 'उदार' रवैये को राजनीतिक विफलता बताया।

  • थिरुमावलवन ने डीएमके पर टीवीके (TVK) की ताकत को कम आंकने का आरोप लगाया।
  • करूर भगदड़ (2025) मामले में विजय के खिलाफ केस दर्ज न करने को 'उदारता' और गलती बताया।
  • सेकुलर प्रोग्रेसिव एलायंस के टूटने का पूरा दोष डीएमके के नेतृत्व और व्यवहार पर मढ़ा।
  • वीसीके अब तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता का अभिन्न हिस्सा बनने का दावा करता है।

धर्मपुरी में एक पार्टी कार्यकर्ता के विवाह समारोह के दौरान बोलते हुए, वीसीके (VCK) के संस्थापक थोल. थिरुमावलवन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) के संस्थापक सी. जोसेफ विजय को डीएमके ने शुरू से ही कम आंका, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

करूर भगदड़ और डीएमके की 'नरमी'

थिरुमावलवन ने 2025 में हुए करूर भगदड़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस त्रासदी के लिए विजय सीधे तौर पर जिम्मेदार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय के जानबूझकर देरी से पहुंचने के कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे कई मौतें हुईं। थिरुमावलवन ने सवाल उठाया कि उनके बार-बार आग्रह के बावजूद, तत्कालीन डीएमके सरकार ने विजय के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया? उन्होंने इसे डीएमके का एक 'उदार हाथ' बताया जिसने विजय के राजनीतिक उदय का रास्ता साफ किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this rift highlights a deeper structural collapse within the Secular Progressive Alliance. The shift of VCK, Congress, and Left parties away from the DMK suggests that the DMK's 'big brother' approach has alienated its most loyal ideological partners, creating a vacuum that TVK successfully filled.

"The breakdown of trust between the presiding party and its allies is often the precursor to a total realignment of regional power dynamics."

गठबंधन का टूटना और विश्वासघात के आरोप

थिरुमावलवन ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वीसीके ने गठबंधन को तोड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि डीएमके के व्यवहार ने वर्षों से बने विश्वास और सद्भावना को नष्ट कर दिया। उन्होंने डीएमडीके (DMDK) को शामिल करने के फैसले की आलोचना की, जिससे पुराने सहयोगियों की सीटों का नुकसान हुआ।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि 2024 में उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन उन्होंने गठबंधन को बचाने के लिए इसे ठुकरा दिया ताकि भाजपा-आरएसएस को तमिलनाडु में प्रवेश का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि विजय ने भाजपा या एआईएडीएमके के बजाय कांग्रेस, लेफ्ट और वीसीके का साथ मांगा, जिससे उनका भरोसा जीता।

क्या आप जानते हैं?: थिरुमावलवन ने शुरुआत में विजय को 'आरएसएस की संतान' कहा था, लेकिन अब वे विजय की कैबिनेट में प्रतिनिधित्व साझा कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. थिरुमावलवन ने करूर भगदड़ के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विजय की देरी के कारण भगदड़ मची और डीएमके ने जानबूझकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की।

2. वीसीके अब किस राजनीतिक दिशा में जा रहा है?
थिरुमावलवन ने घोषणा की है कि वीसीके अब तमिलनाडु की सत्ता का एक अभिन्न हिस्सा होगा और वह किसी स्पष्टीकरण या अपराधबोध (guilt-trip) के दौर से बाहर निकल चुका है।