इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) के लिए नोटिस अवधि को 5 नवंबर तक बढ़ा दिया है, पर कार्य गति धीमी रहने से और भी विस्तार की संभावना बन गई है। 93 लाख मतदाताओं में से केवल 62 लाख को ही अभी तक नोटिस मिला है, जिससे अंतिम रोल प्रकाशन में देरी स्पष्ट है।

  • नोटिस अवधि 15 अक्टूबर से 5 नवंबर तक बढ़ी
  • सिर्फ 62 लाख मतदाताओं को ही अभी तक नोटिस मिला
  • अंतिम रोल 9 नवंबर को प्रकाशित होने की योजना

विस्तारित नोटिस अवधि का वर्तमान परिदृश्य

इलेक्ट्रॉरल रोल की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी नोटिसों की डिलीवरी में गंभीर धीमापन देखा जा रहा है। प्रारंभिक लक्ष्य 17 अगस्त को था, लेकिन अब तक 93 लाख मतदाताओं में से केवल 62 लाख को ही नोटिस मिला है। इस कारण से आयोग ने नोटिस अवधि को 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 5 नवंबर कर दिया है।

दैनिक लक्ष्य और बूथ लेवल अधिकारियों की चुनौतियाँ

बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब प्रत्येक दिन अधिक नोटिस वितरित करने की कोशिश कर रहे हैं, पर सीमित संसाधन और घर‑घर जाकर नोटिस नहीं देने की नीति ने प्रक्रिया को और कठिन बना दिया है। अधिकांश मामलों में, BLO फोन द्वारा मतदाता को नोटिस लेने के लिए बुला रहे हैं, जिससे कई नोटिस अनसर्व्ड ही रह जाते हैं।

हियरींग्स (सुनवाई) में पीछे रहना

9 सितंबर तक केवल 15 % मतदाताओं की सुनवाई पूरी हुई है, जबकि लगभग 80 लाख को अभी भी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने हैं। 43,18,071 मतदाताओं की सुनवाई तिथियों का समय समाप्त हो चुका है और 28,841 मामलों में पुनर्निर्धारित तिथि भी बीत चुकी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that delayed electoral roll updates can affect voter eligibility, potentially skewing election outcomes in tightly contested constituencies across Telangana and beyond.

"सही समय पर मतदाता सूची का अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुद्धता के लिए अनिवार्य है," एक चुनाव विशेषज्ञ ने कहा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में चुनावी सूची की पुनरावृत्ति का इतिहास 1990 के दशक से शुरू होता है, जब डिजिटलाइजेशन के माध्यम से मतदाता डेटा को अद्यतन करने की आवश्यकता महसूस हुई। विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) पहले भी 2008 और 2014 में लागू हुई थी, लेकिन उन बारों में समय सीमा अधिक सुगमता से पूरी हुई थी।

Did You Know?: भारत में सबसे बड़ी एकल‑सत्रीय मतदाता सूची अपडेट 2019 के लोकसभा चुनाव में 1.4 करोड़ मतदाताओं को शामिल कर रही थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मतदाता को नोटिस न मिलने पर उनकी सूची में कोई परिवर्तन नहीं होगा?

उत्तर: यदि नोटिस नहीं मिला, तो मतदाता को दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिलेगा, जिससे उनकी सूची में परिवर्तन नहीं हो पाएगा।

प्रश्न 2: अंतिम रोल कब प्रकाशित होगा?

उत्तर: आयोग ने 9 नवंबर को अंतिम रोल प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा है, पर यह समयसीमा आगे भी बदल सकती है।