नेल्लोर जिले ने पिछले तीन महीनों में ई‑फ़ाइल क्लियरेंस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिससे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला की प्रशंसा की। साथ ही ‘पल्ले वीक्षणा’ कार्यक्रम को भी सराहा गया।

  • नेल्लोर ने 1,492 फ़ाइलें 100% निपटाई
  • औसत समाधान समय 5 घंटे 29 मिनट
  • मुख्यमंत्री ने ‘पल्ले वीक्षणा’ की सराहना की

ई‑फ़ाइल क्लियरेंस में नेल्लोर की अद्वितीय उपलब्धि

अमरावती में आयोजित जिला कलेक्टर सम्मेलन के दूसरे दिन, मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि एसपीएसआर नेल्लोर जिले ने ई‑फ़ाइल क्लियरेंस में राज्य के सभी जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि तेज़ी, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता पर आधारित है।

हिमांशु शुक्ला की प्रशंसा

जून 1 से सितम्बर 10 तक कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने 1,492 फ़ाइलें बिना किसी बकाया के निपटा लीं, जिससे 100% निपटान दर प्राप्त हुई। प्रत्येक फ़ाइल का औसत समाधान समय 5 घंटे 29 मिनट 22 सेकंड रहा, जो राष्ट्रीय मानकों से कहीं अधिक है।

‘पल्ले वीक्षणा’ कार्यक्रम की विशेषताएँ

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर द्वारा शुरू किए गए ‘पल्ले वीक्षणा’ (ग्राम दौरा) कार्यक्रम को भी सराहा। इस पहल से प्रशासन ग्रामीण जनता के निकट आया, उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष समझा गया और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से समाधान किया गया।

Historical Background

आंध्र प्रदेश में पिछले वर्षों में ई‑फ़ाइल निपटान की गति धीमी रही थी, जिससे कई सार्वजनिक मुद्दे लंबित रहते थे। 2023 में राज्य सरकार ने डिजिटल प्रशासन को तेज़ करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए, लेकिन अधिकांश जिलों ने लक्ष्य नहीं हासिल किया। नेल्लोर की इस सफलता ने इस दिशा‑निर्देशों की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that तेज़ फ़ाइल निपटान न केवल नागरिकों का भरोसा बढ़ाता है, बल्कि निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत है, जिससे प्रदेश की आर्थिक वृद्धि पर सीधा असर पड़ता है।

"प्रशासनिक दक्षता का यह नया मानक अन्य जिलों के लिए बेंचमार्क बनना चाहिए," कहा प्रशासन विशेषज्ञ डॉ. रवीश कुमार ने।
Did You Know?: नेल्लोर ने 2025 में भी ई‑फ़ाइल निपटान में राज्य का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार 100% निपटान दर ने इतिहास रचा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस मॉडल को अन्य जिलों में लागू किया जाएगा?

उत्तर: राज्य सरकार ने नेल्लोर के सफल मॉडल को आधार बनाकर सभी जिलों में समान पहल शुरू करने की योजना बनाई है।

प्रश्न 2: ‘पल्ले वीक्षणा’ कार्यक्रम से कौन‑सी प्रमुख समस्याएँ हल हुईं?

उत्तर: जल आपूर्ति, सड़क निर्माण और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी कई लंबित शिकायतें इस दौरे के बाद शीघ्रता से निपटाई गईं।