AIADMK प्रमुख एडापाडी के. पलानीस्वामी ने राज्य के भारी कर्ज के बीच टीवीके सरकार द्वारा नए विधानसभा-सचिवालय परिसर के निर्माण के प्रस्ताव को 'अनावश्यक' बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से बुनियादी ढांचे के बजाय किसानों और सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
- AIADMK नेता EPS ने पत्तिनापक्कम में ₹1,200 करोड़ के सचिवालय प्रोजेक्ट का विरोध किया।
- राज्य के गंभीर कर्ज और सार्वजनिक धन की भारी कमी पर चिंता जताई गई।
- प्रस्तावित स्थल को भीड़भाड़ वाला और मछली पकड़ने वाले समुदायों के लिए हानिकारक बताया गया।
एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव में, AIADMK के महासचिव एडापाडी के. पलानीस्वामी ने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा पत्तिनापक्कम (फोरशोर एस्टेट) में एक नए विधानसभा-सचिवालय परिसर के निर्माण की योजना को "अनावश्यक" करार दिया है। लगभग ₹1,200 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना अब तमिलनाडु में वित्तीय जिम्मेदारी की बहस का केंद्र बन गई है।
श्री पलानीस्वामी ने तर्क दिया कि इस परियोजना का समय पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार वर्तमान में गंभीर कर्ज और धन की भारी कमी से जूझ रही है। AIADMK नेता के अनुसार, सरकार की तत्काल प्राथमिकता सामाजिक मुद्दों और किसानों की शिकायतों को दूर करना होना चाहिए, न कि ऐसे महंगे प्रशासनिक बुनियादी ढांचे में निवेश करना जिसे वह इस समय "गैर-जरूरी" मानते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह आलोचना केवल एक इमारत के बारे में नहीं है, बल्कि TVK सरकार को वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार दिखाने की एक रणनीतिक चाल है। परियोजना की लागत की तुलना ग्रामीण गरीबों की जरूरतों से करके, EPS कृषि वोट बैंक को मजबूत करने और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की प्रशासनिक दूरदर्शिता पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
वित्तीय पहलुओं के अलावा, पलानीस्वामी ने गंभीर लॉजिस्टिक चिंताओं को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि पत्तिनापक्कम का प्रस्तावित स्थल एक अत्यंत भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहाँ ट्रैफिक की समस्या है और यह स्कूलों तथा मछुआरा समुदायों की आवासीय बस्तियों के बहुत करीब है। उन्होंने तर्क दिया कि इतना बड़ा निर्माण कार्य स्थानीय यातायात को और अधिक बाधित करेगा और कमजोर आबादी को विस्थापित करेगा।
शहरी नियोजन और वित्तीय मितव्ययिता का मिलन अक्सर विपक्षी दलों के लिए नई सरकार की वैधता को चुनौती देने का मुख्य हथियार बन जाता है।
AIADMK की विरासत का हवाला देते हुए, पलानीस्वामी ने याद दिलाया कि पार्टी के संस्थापकों, एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता ने पहले भी ऐसे परिसरों की योजना बनाई थी। हालांकि, उन्होंने नोट किया कि उनकी योजनाएं विशेष रूप से उन स्थानों के लिए थीं जहाँ जगह की कमी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं नहीं थीं, जो वर्तमान TVK प्रस्ताव के विपरीत है।
यह स्पष्ट करते हुए कि वह सैद्धांतिक रूप से नए परिसर के विचार के खिलाफ नहीं हैं, AIADMK नेता ने सुझाव दिया कि सरकार को तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक कि राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार न हो जाए। उन्होंने प्रशासन से एक अधिक उपयुक्त स्थान खोजने का आग्रह किया जिससे आम जनता को परेशानी न हो, और मुख्यमंत्री विजय से वर्तमान प्रस्ताव को तुरंत छोड़ने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: प्रस्तावित सचिवालय परिसर की अनुमानित लागत क्या है?
परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,200 करोड़ है।
प्रश्न 2: EPS का मानना है कि पत्तिनापक्कम स्थल अनुपयुक्त क्यों है?
उनका तर्क है कि यह एक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है जहाँ ट्रैफिक की समस्या है और यह स्कूलों और मछुआरा बस्तियों के बहुत करीब है।