प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जरकीहोली और उनके परिवार से जुड़े 21 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें 3.3 करोड़ रुपये नकद और अफ्रीका में अवैध खनन निवेश के सबूत मिले हैं।
- ED ने कर्नाटक के PWD मंत्री सतीश जरकीहोली के 21 ठिकानों पर छापेमारी की।
- छापेमारी में 3.3 करोड़ रुपये नकद और विदेशी मुद्रा बरामद की गई।
- अफ्रीकी देशों (कांगो और जाम्बिया) में खनन कंपनियों में अवैध निवेश के दस्तावेज मिले।
- मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसे 'राजनीतिक रूपया प्रेरित' बताया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जरकीहोली, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े 21 ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी अभियान में 3.3 करोड़ रुपये की अघोषित भारतीय नकदी बरामद की गई है। इसके अलावा, एजेंसी को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो ठेके जारी करने में रिश्वतखोरी और विदेशों में undisclosed निवेश की ओर इशारा करते हैं।
यह छापेमारी 9 और 10 सितंबर को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में की गई थी। ED के अनुसार, यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य मंत्री के कथित विदेशी निवेशों की जांच करना है। तलाशी के दौरान लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की अमेरिकी डॉलर और यूरो जैसी विदेशी मुद्राएं भी जब्त की गईं।
अफ्रीकी खनन और विदेशी निवेश का जाल
ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एजेंसी का आरोप है कि जरकीहोली की बेटी प्रियंका, बेटे राहुल और उनकी बहन महादेवी मंजुनाथ ने अफ्रीकी देशों की कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की है। इनमें कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) की Eldorado Mining Resources और जाम्बिया की Nava Aurum Mining Ltd शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि सतीश जरकीहोली की कांगो स्थित एक स्वर्ण खनन कंपनी, Magnitude Star SARL में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ED को ऐसे सबूत मिले हैं जो बताते हैं कि अफ्रीका में खनन गतिविधियों के लिए धन का उपयोग अनधिकृत चैनलों के माध्यम से किया जा रहा था।
जांच से संकेत मिलता है कि सरकारी ठेकों से प्राप्त धन का उपयोग विदेशी खनन संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया हो सकता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के राजनीतिक परिदृश्य में केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग की बहस को फिर से जीवंत कर देता है। यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह कर्नाटक सरकार में एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध धन के प्रवाह को उजागर कर सकता है।
सतीश जरकीहोली ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास जो नकदी मिली, वह वैध है और वह इसके स्वामित्व के दस्तावेज पेश कर इसे वापस प्राप्त करेंगे।
Frequently Asked Questions
1. ईडी ने किन स्थानों पर छापेमारी की है?
ईडी ने बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में मंत्री के 21 ठिकानों पर तलाशी ली है।
2. सतीश जरकीहोली का इस पर क्या कहना है?
जरकीहोली ने इसे राजनीतिक द्वेष बताया है और कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
| विवरण | ED के आरोप | मंत्री का पक्ष |
|---|---|---|
| नकदी की मात्रा | 3.3 करोड़ रुपये (अघोषित) | वैध और स्वामित्व के साथ |
| विदेशी निवेश | अफ्रीकी खनन कंपनियों में अवैध हिस्सेदारी | अनुमति प्रक्रिया के तहत निवेश का प्रयास |
| कार्रवाई का कारण | FEMA उल्लंघन और रिश्वतखोरी | राजनीतिक प्रतिशोध |