मुख्यमंत्री वी.डी. सथीशन ने राजनीतिक नेताओं की आलोचना को स्वीकार्य कहा, लेकिन महिलाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाने वाले अभद्र ऑनलाइन हमलों को निंदा की। उन्होंने कहा कि यह दुरुपयोग राजनीतिक पार्टियों के समर्थन से भी हो रहा है।
- मुख्यमंत्री वी.डी. सथीशन ने सोशल मीडिया पर अपमानजनक आक्रमण की कड़ी निंदा की।
- राजनीतिक आलोचना ठीक है, लेकिन व्यक्तिगत और लिंग‑आधारित हमले अस्वीकार्य हैं।
- ऐसे दुरुपयोगी अभियानों को अक्सर राजनीतिक दलों का समर्थन मिलता है।
त्रिशूर, 12 सितंबर 2026 – केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सथीशन ने थालिकुलम में एआईसीसी सचिव टी.एन. प्रथापन की नई पुस्तक "ई नेरावुम कडन्नुपोकुम" के विमोचन के दौरान सोशल मीडिया पर बढ़ते दुरुपयोग को "वह्य और अत्यधिक" कहा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आलोचना संभव है, परन्तु यह व्यक्तिगत हमलों और महिलाओं व परिवारों को अपमानित करने की ओर नहीं जाना चाहिए।
सथीशन ने हाल ही में एक मृत पत्रकार को सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर अपमानजनक टिप्पणी का शिकार बनाते हुए कई पोस्टों को “अत्यधिक आपत्तिजनक” बताया। उन्होंने कहा, “ऐसे पोस्ट न केवल पत्रकारों को बल्कि महिलाओं को भी अपमानित करते हैं। यह लोकतांत्रिक बहस के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इन डिजिटल हमले में शामिल लोग अक्सर राजनीतिक दलों के समर्थन से कार्य करते हैं, जिससे ऑनलाइन माहौल और अधिक विषाक्त हो जाता है। इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार ने भी उपस्थित होकर पुस्तक को सराहा, जबकि जिला कलेक्टर शिवा सुरेन्द्रन ने पहली प्रतिलिपि स्वीकार की।
Historical Background
केरल में पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया का दुरुपयोग एक बढ़ती हुई समस्या बन गई है। 2022 में एक प्रमुख पत्रकार को घृणास्पद टिप्पणी का सामना करना पड़ा था, जिससे सार्वजनिक प्रतिक्रिया और कई कानूनी मामलों की शुरुआत हुई। इस प्रवृत्ति ने राज्य के डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों और साइबर सुरक्षा नीतियों पर नई चर्चा को जन्म दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that unchecked online harassment not only threatens individual dignity but also erodes public trust in democratic institutions, making it a pressing concern for policymakers across India.
“डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लैंगिक और पारिवारिक अपमान लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है,” कहा साइबर‑सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंजलि मेहता।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या केरल सरकार ने इस मुद्दे पर कोई नई नीति तैयार की है?
उत्तर: अभी तक कोई विशेष विधायी कदम घोषित नहीं किया गया है, पर सरकार ने साइबर अपराधों के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रश्न 2: इस प्रकार के दुरुपयोग के खिलाफ कौन‑सी कानूनी कार्रवाई संभव है?
उत्तर: भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपमानजनक सामग्री के प्रकाशन पर आपराधिक दंड लगाया जा सकता है।