नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान यूएई के शहज खलीद, इथियोपिया, वियतनाम और मलेशिया के प्रधान मंत्रियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं, और भारत‑यूएई को क्षेत्रीय स्थिरता का आधार बताया।

  • भारत‑यूएई आर्थिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी में गहरी साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
  • इथियोपिया, वियतनाम और मलेशिया के साथ रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की योजना।
  • ओडिशा में 11.5 बिलियन डॉलर निवेश से एल्युमिनियम उद्योग में वैश्विक केंद्र बनने की दिशा।

भारत‑यूएई संबंधों पर प्रमुख टिप्पणी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साइडलाइन में शहज खलीद बिन मोहम्मद के साथ हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के समय में भारत‑यूएई का मजबूत बंधन स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक है।”

अन्य द्विपक्षीय बैठकें

इथियोपिया के प्रधान मंत्री अबी अहमद अली के साथ आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को गहरा करने के लिए चर्चा हुई। यह मुलाक़ात मोदी के 2025 में एडिस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद का अगला कदम माना गया।

वियतनाम के प्रधान मंत्री ले मिन्ह हंग के साथ भारत‑वियतनाम संबंधों को “सम्पूर्ण रणनीतिक साझेदारी” तक ले जाने की बात हुई। दोनों देशों ने सिविलाइज़ेशन विरासत और एशिया‑प्रशांत में सहयोग को उजागर किया।

मलेशिया के प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें ओडिशा में यूएई की 11.5 बिलियन डॉलर की एल्युमिनियम परियोजना को प्रमुख बिंदु बनाया गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that these meetings not only cement India’s foothold in West Asia but also position New Delhi as a pivotal bridge between the Gulf, Africa and Southeast Asia, enhancing its geopolitical clout ahead of the 2027 general elections.

“भारत‑यूएई साझेदारी का विस्तार क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए निर्णायक होगा,” कहा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर डॉ. रवीन्द्र सिंह ने।
Did You Know?: यूएई का L’Imad फंड 2024 में स्थापित हुआ था और यह केवल 5 साल में भारत में 3 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर चुका है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत‑यूएई आर्थिक सहयोग का मुख्य क्षेत्र कौन‑सा है?
उत्तर: एल्युमिनियम, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी नवाचार।

प्रश्न 2: इस शिखर सम्मेलन में भारत की प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य क्या थे?
उत्तर: बहुपक्षीय मंचों में वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को सुदृढ़ करना और आर्थिक साझेदारियों को गहरा करना।