AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गृह मंत्री अमित शाह के 2029 तक 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के वादे को मुस्लिम समुदाय को लक्षित करने की साजिश बताया है। उन्होंने NRC, मदरसा बंदी और भारत-चीन संबंधों जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

  • ओवैसी ने UCC को संविधान के अनुच्छेद 25 और 14 का उल्लंघन बताया।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि UCC का उद्देश्य समानता नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों पर बहुसंख्यक कानून थोपना है।
  • NRC और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
  • पश्चिम बंगाल में मदरसों की बंदी को अनुच्छेद 30 का उल्लंघन करार दिया।

हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। ओवैसी ने इस कदम को सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश करार दिया है।

ओवैसी ने तर्क दिया कि भाजपा और अमित शाह संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा इसकी बहुलतावाद (Pluralism) में है और UCC लागू करना गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने जैसा होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि NDA सरकार द्वारा नियुक्त विधि आयोग ने पहले ही निष्कर्ष निकाला था कि UCC न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह विवाद केवल कानूनी नहीं बल्कि गहरे सामाजिक-राजनीतिक विभाजन का संकेत है। यदि 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होता है, तो यह भारत के कानूनी ढांचे और धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा, जो अल्पसंख्यकों की स्वायत्तता पर बहस छेड़ सकता है।

'भाजपा समानता के लिए नहीं, बल्कि मुस्लिमों को लक्षित करने के लिए UCC लागू करना चाहती है।' - असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी ने केवल UCC ही नहीं, बल्कि कई अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को 'घटिया मजाक' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार 80 करोड़ लोगों को राशन दे रही है, लेकिन अब उन्हें दस्तावेजों के लिए लंबी कतारों में खड़ा कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि SIR के बाद NRC लागू करने की तैयारी है।

इसके अलावा, उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या बेहतर द्विपक्षीय संबंधों का मतलब भारत ने अपनी सीमा पर गश्त करने के अधिकार खो दिए हैं? उन्होंने चीन द्वारा पाकिस्तान को हथियार आपूर्ति के आरोपों का भी जिक्र किया। पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने के आदेश पर उन्होंने कहा कि यह अनुच्छेद 30 का उल्लंघन है, जो अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक संस्थान चलाने का अधिकार देता है।

ओवैसी ने खेल और संस्कृति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों पर कहा कि यदि भारत पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलता है, तो 'आसमान नहीं गिर जाएगा'। उन्होंने वंदे मातरम के पूर्ण गायन को अनिवार्य बनाने पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या यह धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है।

Frequently Asked Questions

1. असदुद्दीन ओवैसी के अनुसार UCC का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ओवैसी का आरोप है कि UCC का उद्देश्य समानता लाना नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना और उन पर हिंदू कानून थोपना है।

2. अमित शाह ने UCC के बारे में क्या कहा था?
अमित शाह ने कहा था कि ट्रिपल तलाक खत्म करने के बाद मुस्लिम महिलाओं को अधिकार दिए गए हैं और 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा।