राजस्थान सरकार ने 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 18 पैक्ड खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है और 26 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।

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  • 18 पैक्ड खाद्य उत्पादों की बिक्री और वितरण पर दो महीने का राज्यव्यापी प्रतिबंध।
  • जुलाई-अगस्त 2026 के नमूनों की जांच में असुरक्षित पाए जाने पर 26 दुकानों के लाइसेंस निलंबित।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान तेज।

राजस्थान में जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के नेतृत्व में संचालित 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग ने प्रदेश भर में छापेमारी और सैंपलिंग की थी।

खाद्य प्रयोगशालाओं की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद, विभाग ने पाया कि कई प्रसिद्ध और स्थानीय ब्रांड के उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे। परिणामस्वरूप, 18 पैक्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, बिक्री और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से दो महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम उन उत्पादों के सेवन से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए उठाया गया है।

प्रतिबंधित उत्पादों की सूची

प्रतिबंधित उत्पादों में मुख्य रूप से डेयरी उत्पाद और मसाले शामिल हैं। घी की श्रेणी में डेयरी कृष्णा घी, डेयरी-सरस घी, देहली-डेयरी घी, सरस गोल्ड घी, जय श्री कृष्णा घी, सागर सरस घी और धेनु सरस घी को बैन किया गया है। इसके अलावा, नेचुरल टेस्ट का ग्रीन चिली सॉस, मुस्कान का सोया सॉस, पीयूष ब्रांड नमकीन (ऑल इन वन), भुजियालाल जी ब्रांड नमकीन (खट्टा मीठा) और मां वैष्णो नमकीन भी इस सूची में हैं। मसालों में सीटीसी, रिचा, यश प्रताप और आर.एस. ब्रांड के मिर्च, हल्दी व धनिया पाउडर के विशिष्ट बैच प्रतिबंधित किए गए हैं।

क्यों हुई यह कार्रवाई? (BozokMedia विश्लेषण)

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, राजस्थान के खाद्य बाजार में मिलावट का नेटवर्क काफी गहरा है, विशेष रूप से त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले घी और मसालों में मिलावट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सरकार द्वारा लाइसेंस सस्पेंड करने का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बाजार में एक कड़ा संदेश भेजना है कि गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, और ऐसे सख्त कदम भविष्य में मिलावटखोरों के लिए निवारक (deterrent) का काम करेंगे।

लाइसेंस निलंबित प्रतिष्ठान

पैक्ड सामानों के अलावा, खुले खाद्य पदार्थों की जांच में विफल रहने पर 26 व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जयपुर में मैसर्स बालाजी जायका, द बब्बू कैफे और जीवा फूड्स जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं। अलवर में मिल्क कलेक्शन सेंटर, पाली में चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी और अजमेर में देवनारायण दूध डेयरी के सैंपल असुरक्षित पाए गए। भरतपुर और धौलपुर में मावा और पनीर के नमूनों में गंभीर खामियां मिलीं।

क्षेत्र प्रभावित उत्पाद कार्रवाई
राज्यव्यापी (पैक्ड) घी, सॉस, नमकीन, मसाले 2 महीने का प्रतिबंध
स्थानीय दुकानें (खुले) पनीर, मावा, दूध, तेल लाइसेंस सस्पेंशन
क्या आप जानते हैं?: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत, मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने पर भारी जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: यह प्रतिबंध कितने समय के लिए लगाया गया है?
उत्तर: प्रतिबंधित 18 पैक्ड उत्पादों पर दो महीने का राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रश्न 2: उपभोक्ता मिलावटी सामान की शिकायत कहां कर सकते हैं?
उत्तर: उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग के आधिकारिक पोर्टल या स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचित कर सकते हैं।