तमिलनाडु सरकार ने बिगिल की निर्माता अर्चना कल्पती और लोकप्रिय फ़ोक गायक वेल्मुरुगन को गैर‑वंशानुगत मंदिर ट्रस्टी के चयन हेतु पैनल में शामिल किया। यह पैनल राज्य के 10 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले मंदिरों के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार करेगा।
मुख्य बिंदु
- अर्चना कल्पती और वेल्मुरुगन को मंदिर ट्रस्टी पैनल में शामिल किया गया
- पैनल 10 लाख रुपये से अधिक आय वाले मंदिरों के लिए उम्मीदवार चुनेंगे
- पैनल में सात सदस्य, प्रमुख थवाथिरु शिवज्ञान बालाय स्वामीगाल
आयोग की संरचना और उद्देश्य
तमिलनाडु सरकार ने एक सात सदस्यीय समिति गठित की है, जिसका नेतृत्व थवाथिरु शिवज्ञान बालाया स्वामिगाल (बोम्पापुरम आधीनाम) कर रहे हैं। रिटायरेड डिस्ट्रिक्ट व सत्र न्यायाधीश डॉ. के. रामनाथन उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त हुए हैं। अर्चना कल्पती, एजीएस एंटरटेनमेंट की सीईओ, और लोकप्रिय गायक वेल्मुरुगन इस पैनल के सदस्य हैं। अन्य सदस्य रिटायर आईएएस अधिकारी पी.आर. साम्पथ, मै सुमा थी (सुमथिस्री) तथा था वेल्मुरुगन हैं।
अर्चना कल्पती का प्रोफाइल
अर्चना कल्पती, एजीएस एंटरटेनमेंट की सीईओ और सर्जनात्मक निर्माता, कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे बिगिल, लव टुडे और द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम में कार्य कर चुकी हैं। इंजीनियरिंग स्नातक और कंप्यूटर साइंस में मास्टर होने के बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर क्षेत्र में काम किया, फिर परिवार के मनोरंजन व्यवसाय में कदम रखा। उनका यह नया दायित्व राज्य के धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता लाने के प्रयास का हिस्सा है।
वेल्मुरुगन का संगीत सफर
फ़ोक संगीत के लिए प्रसिद्ध गायक वेल्मुरुगन ने 2008 में सासिकुमार की फिल्म सुब्रमणियापुरम से करियर शुरू किया। उन्होंने मदुरा कुलुंगा कुलुंगा, आडुंगडा माचान, ओथा सोल्लाल आदि कई हिट गाने गाए हैं और 2020 में बिग बॉस तमिल सीजन 4 में भाग लिया। पैनल में शामिल होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय, एचआरसीई मंत्री एस. रामेश और एचआरसीई कमिश्नर जे. कुमारा गुरुबरन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं इसे केवल पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी मानूँगा और ईश्वर तथा समाज की सेवा में पूर्ण निष्ठा से कार्य करूँगा।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में मंदिर ट्रस्टी की नियुक्ति का प्रचलन 19वीं सदी से है, लेकिन 1970 के बाद गैर‑वंशानुगत ट्रस्टी प्रणाली को मजबूत करने के लिए हिंदू धार्मिक एवं चैरिटेबल एन्डोमेंट्स (HR&CE) विभाग द्वारा कई सुधार लागू किए गए। यह पैनल राज्य के 1,500 से अधिक मंदिरों में पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that inclusion of entertainment industry leaders like Archana and cultural icons like Velmurugan may bridge the gap between traditional religious administration and modern public expectations, fostering greater accountability in temple governance.
"जैसे-जैसे फिल्म और संगीत उद्योग के प्रतिनिधि सार्वजनिक संस्थाओं में शामिल होते हैं, सामाजिक सहभागिता और पारदर्शिता में सुधार की संभावना बढ़ती है," कहते हैं धर्मशास्त्र विशेषज्ञ प्रो. रवीन्द्र कुमार।
Frequently Asked Questions
- प्रश्न: इस पैनल का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: यह पैनल 10 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले मंदिरों के लिए योग्य गैर‑वंशानुगत ट्रस्टी की सूची तैयार करेगा। - प्रश्न: अर्चना और वेल्मुरुगन को क्यों चुना गया?
उत्तर: दोनों की सार्वजनिक प्रतिष्ठा और सामाजिक योगदान को देखते हुए, सरकार ने उन्हें विविध दृष्टिकोण लाने के लिए शामिल किया है।