नासा का शक्तिशाली नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप आज स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट के साथ अंतरिक्ष की यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है। यह मिशन डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्यों को सुलझाने में मदद करेगा।

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  • नैन्सी ग्रेस रोमन टेलीस्कोप आज शाम 4:56 बजे (IST) लॉन्च होगा।
  • यह स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष में जाएगा।
  • इसका उद्देश्य ब्रह्मांड का व्यापक दृश्य प्रदान करना और डार्क मैटर का अध्ययन करना है।

वर्षों के विकास और परीक्षण के बाद, नासा (NASA) का नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप अंततः पृथ्वी छोड़ने के लिए तैयार है। यह शक्तिशाली वेधशाला आज, 30 अगस्त को, स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन हैवी रॉकेट पर सवार होकर लॉन्च होने वाली है। यह मिशन वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड का एक बहुत व्यापक दृष्टिकोण देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

लॉन्च का समय भारतीय समयानुसार शाम 4:56 बजे निर्धारित किया गया है, जो फ्लोरिडा के नासा केंनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से होगा। नासा और स्पेसएक्स द्वारा लॉन्च तैयारी समीक्षा पूरी करने के बाद मिशन को अंतिम 'गो' संकेत मिल गया है, हालांकि मौसम और तकनीकी स्थितियों के आधार पर समय में बदलाव संभव है।

यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रोमन टेलीस्कोप केवल एक और टेलिस्कोप नहीं है जो सुंदर तस्वीरें लेता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका विशाल 'फील्ड ऑफ व्यू' (दृष्टि क्षेत्र) है। इसका 2.4-मीटर प्राथमिक दर्पण हबल के समान आकार का है, लेकिन इसका 'वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट' एक ही अवलोकन में हबल की तुलना में कम से कम 100 गुना बड़े आकाश क्षेत्र को देख सकता है। इसका मतलब है कि रोमन ब्रह्मांड के विशाल हिस्सों का बहुत तेजी से सर्वेक्षण कर सकता है।

रोमन टेलीस्कोप ब्रह्मांड के 'मैक्रो' स्तर को समझने के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

एक बार रॉकेट से अलग होने के बाद, यह पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर दूर दूसरे सन-अर्थ लैग्रेंज पॉइंट (L2) की यात्रा शुरू करेगा। वहां, इसे ब्रह्मांड का एक विस्तृत और अबाधित दृश्य प्राप्त होगा। अपने पांच साल के प्राथमिक मिशन के दौरान, यह डार्क एनर्जी और डार्क मैटर की जांच करेगा, आकाशगंगाओं के विकास का अध्ययन करेगा और हमारे सौर मंडल के बाहर हजारों ग्रहों की खोज करेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस टेलीस्कोप का नाम नासा की पहली मुख्य खगोलशास्त्री नैन्सी ग्रेस रोमन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 'मदर ऑफ हबल' के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनके काम ने हबल स्पेस टेलीस्कोप की नींव रखने में मदद की थी। अब, उनके नाम वाला यह टेलीस्कोप ब्रह्मांड की एक और व्यापक खिड़की खोलने जा रहा है।

जेम्स वेब बनाम रोमन: मुख्य अंतर

विशेषताजेम्स वेब (JWST)रोमन टेलीस्कोप
मुख्य ध्यानगहन विवरण (Zoom In)व्यापक सर्वेक्षण (Zoom Out)
दृष्टि क्षेत्रसीमित/केंद्रित100 गुना अधिक विस्तृत
मुख्य लक्ष्यप्रारंभिक ब्रह्मांड का अध्ययनडार्क एनर्जी और आकाशगंगा मानचित्रण
Did You Know?: रोमन टेलीस्कोप में एक 'कोरोनोग्राफ' उपकरण है जो तारों की चकाचौंध को रोककर सीधे पास के विशाल ग्रहों की तस्वीरें ले सकता है।

Frequently Asked Questions

1. रोमन टेलीस्कोप कहाँ लॉन्च हो रहा है?
यह नासा के केंनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जा रहा है।

2. यह हबल से कैसे अलग है?
जबकि हबल गहराई से देखता है, रोमन एक साथ बहुत बड़े क्षेत्र को कवर करने की क्षमता रखता है, जिससे ब्रह्मांड का नक्शा बनाना आसान हो जाता है।