अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भोजन तैयार करने की जटिल प्रक्रिया का एक दुर्लभ दृश्य साझा किया है, जिसमें 'प्याज वाले डिनर' पर विशेष ध्यान दिया गया है।

  • अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने ISS पर भोजन बनाने की प्रक्रिया का विवरण साझा किया।
  • 'प्याज वाला डिनर' सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में सुगंधित सामग्रियों के प्रबंधन की चुनौतियों को दर्शाता है।
  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम अंतरिक्ष खाद्य प्रणालियों में वैकल्पिक प्रोटीन के एकीकरण पर जोर दे रहा है।

पृथ्वी से दूर, अंतरिक्ष में जीवन की वास्तविकताओं को दिखाते हुए, अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया का एक दिलचस्प वीडियो साझा किया। 'प्याज वाले डिनर' के रूप में चर्चित इस क्लिप ने यह स्पष्ट किया कि शून्य-गुरुत्वाकर्षण वातावरण में पोषण और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए भोजन का प्रबंधन कितना कठिन होता है।

अंतरिक्ष में खाना बनाना किसी सामान्य रसोई जैसा नहीं है। चूंकि तरल पदार्थ और छोटे कण हवा में तैरते रहते हैं, इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों को विशेष उपकरणों और वैक्यूम-सील्ड पैकेजिंग का उपयोग करना पड़ता है ताकि कचरा स्टेशन के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स को खराब न करे। प्याज जैसी तेज गंध वाली सामग्रियों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है ताकि गंध पूरे स्टेशन के वेंटिलेशन सिस्टम में न फैल जाए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरिक्ष भोजन का विकास अब केवल जीवित रहने के बारे में नहीं है, बल्कि स्थिरता और मनोवैज्ञानिक कल्याण के बारे में है। जैसे-जैसे मानवता मंगल ग्रह जैसे लंबी अवधि के मिशनों की ओर देख रही है, पृथ्वी से भेजे गए पैक किए गए भोजन पर निर्भरता असंभव होगी। यही कारण है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम अब अंतरिक्ष खाद्य प्रणालियों में लैब-ग्रोन मीट और कीट-आधारित प्रोटीन जैसे वैकल्पिक प्रोटीनों के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।

"अंतरिक्ष में केवल कैलोरी लेना और वास्तव में भोजन का आनंद लेने के बीच का अंतर लंबी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।"

ऐतिहासिक रूप से, अंतरिक्ष भोजन की शुरुआत मर्करी मिशनों के दौरान ट्यूबों में रखे पोषक पेस्ट से हुई थी, जो अपोलो युग तक फ्रीज-ड्राइड भोजन में बदल गया। आज, ISS न केवल भौतिकी बल्कि खाद्य विज्ञान के लिए भी एक प्रयोगशाला है, जहाँ यह परीक्षण किया जाता है कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में स्वाद और बनावट का अनुभव कैसे बदलता है।

विशेषतापारंपरिक अंतरिक्ष भोजनअगली पीढ़ी का अंतरिक्ष भोजन
स्रोतपृथ्वी से भेजा गया/फ्रीज-ड्राइडस्टेशन पर उगाया गया/वैकल्पिक प्रोटीन
उद्देश्यबुनियादी पोषणस्थिरता और मनोविज्ञान
तैयारीपुनर्जलीकरण (Rehydration)सक्रिय खाना बनाना/खेती
क्या आप जानते हैं?: सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में, शरीर के तरल पदार्थ सिर की ओर बढ़ जाते हैं, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को ऐसा महसूस होता है जैसे उन्हें सर्दी हुई है, जिससे उनके स्वाद की क्षमता कम हो जाती है और वे अधिक तीखे भोजन को पसंद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में खाने के टुकड़ों (crumbs) को कैसे संभालते हैं?
वे ब्रेड के बजाय विशेष टॉर्टिला का उपयोग करते हैं और वैक्यूम सिस्टम का उपयोग करते हैं ताकि टुकड़े उपकरणों या आंखों में न जाएं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम अंतरिक्ष भोजन में क्यों रुचि ले रहा है?
उनका लक्ष्य ऐसे टिकाऊ प्रोटीन स्रोत विकसित करना है जिन्हें अंतरिक्ष में ही उत्पादित किया जा सके, जिससे पृथ्वी से भोजन परिवहन की लागत और जोखिम कम हो सके।