सीर्न (CERN) के महानिदेशक मार्क थॉमसन ने मुंबई में 'द पीस पार्टिकल' डॉक्यूमेंट्री के प्रीमियर के दौरान भविष्य के वृहद विज्ञान प्रोजेक्ट्स की वकालत की। उन्होंने बताया कि आगामी 'फ्यूचर सर्कुलर कोलाइडर' नवाचार और कल्पना की सीमाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

  • सीर्न (CERN) 91 किमी लंबे 'फ्यूचर सर्कुलर कोलाइडर' (FCC) की योजना बना रहा है।
  • लार्ज हैड्रोन कोलाइडर (LHC) 2030 तक ऑफलाइन रहेगा, जिसके बाद अधिक शक्तिशाली 'हाई-ल्यूमिनोसिटी LHC' आएगा।
  • मार्क थॉमसन ने भारत की तकनीकी क्षमता और युवाओं की प्रतिभा को भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मुंबई में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, सीर्न (CERN) के महानिदेशक मार्क थॉमसन ने वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय का आह्वान किया कि दुनिया को अब और अधिक 'मेगा-साइंस' परियोजनाओं की आवश्यकता है। यह दौरा 'द पीस पार्टिकल' नामक डॉक्यूमेंट्री के भारतीय प्रीमियर के अवसर पर हुआ, जो सीर्न के क्रांतिकारी कार्यों पर आधारित है।

फ्यूचर सर्कुलर कोलाइडर: विज्ञान की नई सीमा

मार्क थॉमसन ने विस्तार से चर्चा की कि फ्यूचर सर्कुलर कोलाइडर (FCC) केवल कण भौतिकी (particle physics) के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक विजनरी प्रोजेक्ट होगा। यह 91 किलोमीटर लंबी एक विशाल रिंग होगी, जिसके 2045-48 तक चालू होने की उम्मीद है। इस परियोजना का अंतिम चरण इलेक्ट्रॉनों और पॉजिट्रॉन के टकराव पर केंद्रित होगा। हालांकि इसे अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन सीर्न को उम्मीद है कि 2028 तक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मेगा-साइंस प्रोजेक्ट्स केवल सैद्धांतिक भौतिकी तक सीमित नहीं होते। जैसा कि थॉमसन ने उल्लेख किया, वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का आविष्कार भी इसी तरह की जिज्ञासा और तकनीकी चुनौती का परिणाम था। जब हम ब्रह्मांड के सबसे कठिन सवालों के जवाब ढूंढते हैं, तो हम ऐसी तकनीक विकसित करते हैं जो अंततः आम जीवन को बदल देती है।

"हम सबसे कठिन प्रश्न पूछते हैं, इसलिए हम ऐसी तकनीकें विकसित करते हैं जो उन प्रश्नों का उत्तर दे सकें। इसी तरह वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार हुआ, जिसने दुनिया बदल दी।"

LHC का भविष्य और ब्रह्मांड के रहस्य

वर्तमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली त्वरक, लार्ज हैड्रोन कोलाइडर (LHC), 29 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया था और यह 2030 तक ऑफलाइन रहेगा। इसके बाद 'हाई-ल्यूमिनोसिटी LHC' आएगा, जिसकी चमक (brightness) वर्तमान LHC से 10 गुना अधिक होगी, जिससे डेटा की मात्रा और खोज की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

थॉमसन ने उन गहरे रहस्यों का जिक्र किया जो अभी भी अनसुलझे हैं, जैसे कि ब्रह्मांड में एंटी-मैटर की कमी क्यों है, 95% अज्ञात द्रव्यमान और ऊर्जा (Dark Matter/Energy) क्या है, और गुरुत्वाकर्षण अन्य बलों की तुलना में इतना कमजोर क्यों है।

विशेषता LHC (वर्तमान) FCC (प्रस्तावित)
लंबाई 27 किमी 91 किमी
मुख्य लक्ष्य हिग्स बोसोन की खोज नवाचार और नई भौतिकी की सीमाएं
परिचालन स्थिति 2030 तक ऑफलाइन 2045-48 तक संभावित

भारत की भूमिका और वैश्विक सहयोग

भारत के प्रति अपनी रुचि व्यक्त करते हुए, थॉमसन ने कहा कि भारत के पास उत्कृष्ट तकनीकी शक्ति और प्रतिभाशाली युवा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीर्न भविष्य की योजनाओं में भारत की भागीदारी की संभावनाओं को तलाश रहा है। डॉक्यूमेंट्री के निर्माता एलेक्स कीहल ने भी इस बात की पुष्टि की कि ब्रह्मांड के सबसे छोटे कणों की खोज में भारत की भूमिका केंद्रीय रही है।

क्या आप जानते हैं?: लार्ज हैड्रोन कोलाइडर (LHC) द्वारा ही प्रसिद्ध 'हिग्स बोसोन' कण की खोज की गई थी, जिसे अक्सर 'गॉड पार्टिकल' कहा जाता है।

Frequently Asked Questions

1. फ्यूचर सर्कुलर कोलाइडर (FCC) क्या है?
यह 91 किमी लंबी एक प्रस्तावित रिंग है जो कणों को टकराकर ब्रह्मांड के गहरे रहस्यों को सुलझाने का प्रयास करेगी।

2. LHC कब तक बंद रहेगा?
LHC 29 जून 2026 को बंद हुआ और इसके 2030 तक पूरी तरह ऑफलाइन रहने की संभावना है।