विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष का अल नीनो ऐतिहासिक रूप से शक्तिशाली होने वाला है, जो फरवरी तक जारी रह सकता है और दुनिया भर में भीषण मौसम आपदाएं ला सकता है।
- WMO ने अल नीनो के फरवरी तक जारी रहने की 100% संभावना जताई है।
- यह अल नीनो अब तक का सबसे शक्तिशाली चक्र बन सकता है।
- वैश्विक तापमान में भारी वृद्धि और चरम मौसम की घटनाएं होने की आशंका है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने एक अभूतपूर्व चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस वर्ष का अल नीनो (El Niño) असाधारण रूप से शक्तिशाली हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की इस मौसम एजेंसी ने अपने इतिहास में सबसे निश्चित पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि इस घटना के फरवरी तक जारी रहने की 'लगभग 100% संभावना' है।
अल नीनो एक प्राकृतिक घटना है जिसमें पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। यह प्रक्रिया वैश्विक मौसम चक्र को पूरी तरह से बाधित कर देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार का अल नीनो रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पैदा करेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे 'सुपरसाइज्ड' बताते हुए कहा कि दुनिया खतरनाक स्थिति में है और समुद्र की सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक मौसम परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक वैश्विक पारिस्थितिक संकट है। अल नीनो न केवल क्षेत्रीय मौसम को प्रभावित करता है, बल्कि यह वैश्विक औसत तापमान को भी 0.1 से 0.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा देता है। जब इसे मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन के साथ जोड़ा जाता है, तो यह एक 'रेड अलर्ट' की स्थिति पैदा कर देता है।
यह संभवतः अब तक की सबसे बड़ी जलवायु घटनाओं में से एक है, जिसके परिणाम इतने व्यापक हो सकते हैं कि हम उन्हें पूरी तरह समझने में भी असमर्थ हैं।
जलवायु वैज्ञानिक डैनियल स्वाइन के अनुसार, इस अल नीनो के प्रभाव इतने बड़े हो सकते हैं कि भविष्यवाणियां करना भी कठिन है। इसका असर पहले ही दिखने लगा है—अमेरिका में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, सूडान में नील नदी के जलस्तर में गिरावट से गहराता अकाल, और प्यूर्टो रिको में पानी की किल्लत इसके शुरुआती संकेत हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
अल नीनो की घटनाएँ दशकों से होती रही हैं, लेकिन हाल के वर्षों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण इनकी तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि देखी गई है। 2024-25 का यह चक्र पिछले सभी रिकॉर्ड्स को चुनौती दे रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अल नीनो का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: अल नीनो अक्सर भारतीय मानसून को कमजोर करता है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रश्न 2: यह घटना कब तक प्रभावी रहेगी?
उत्तर: WMO के अनुसार, इसके फरवरी 2025 तक सक्रिय रहने की पूरी संभावना है।