वैज्ञानिकों ने पाया है कि डार्क मैटर के कण तारों के केंद्र में जमा होकर नन्हे ब्लैक होल बना सकते हैं, जो अंततः पूरे तारे को निगल सकते हैं। यह खोज ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी पदार्थ के बारे में हमारी समझ को बदल सकती है।

  • डार्क मैटर के भारी कण तारों के केंद्र में जमा होकर नन्हे ब्लैक होल बना सकते हैं।
  • ये ब्लैक होल मात्र एक ट्रक के वजन (लगभग 40 टन) के बराबर हो सकते हैं।
  • डार्क मैटर की निरंतर आपूर्ति इन ब्लैक होल को वाष्पित होने से बचा सकती है।
  • मिलिसेकंड पल्सर और व्हाइट ड्वार्फ इस प्रक्रिया के लिए मुख्य प्रयोगशालाएं हैं।

ब्रह्मांड का वह रहस्यमयी हिस्सा जिसे हम देख नहीं सकते, जिसे डार्क मैटर कहा जाता है, अंतरिक्ष में कहीं अधिक नाटकीय भूमिका निभा सकता है जितना पहले सोचा गया था। हाल ही में Physical Review D में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि डार्क मैटर तारों के भीतर नन्हे ब्लैक होल को जीवित रखने और उन्हें विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, यदि डार्क मैटर के भारी कण किसी घने तारे के भीतर फंस जाते हैं, तो वे उसके केंद्र में जमा हो सकते हैं। यह जमाव एक अत्यंत छोटे ब्लैक होल को जन्म दे सकता है, जिसका द्रव्यमान लगभग एक भारी ट्रक (40 टन) के बराबर हो सकता है। सामान्य परिस्थितियों में, इतने छोटे ब्लैक होल 'हॉकिंग रेडिएशन' के कारण बहुत तेजी से वाष्पित हो जाते हैं, लेकिन डार्क मैटर की उपस्थिति इस प्रक्रिया को उलट सकती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह खोज खगोल विज्ञान के लिए क्रांतिकारी है। यदि डार्क मैटर ब्लैक होल को 'भोजन' प्रदान कर सकता है, तो यह न केवल तारों के जीवनकाल को प्रभावित करता है, बल्कि ब्रह्मांड के विकास की हमारी पूरी समझ को भी चुनौती देता है। यह अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि क्यों कुछ प्राचीन तारे अरबों वर्षों तक जीवित रहे हैं और अन्य क्यों गायब हो गए।

डार्क मैटर की निरंतर आपूर्ति ब्लैक होल को वाष्पीकरण की बाधा को पार करने और अंततः अपने मेजबान तारे को निगलने की अनुमति दे सकती है।

इस अध्ययन का नेतृत्व मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के एच.ए. आदर्श और चंद्रचूड़ चक्रवर्ती, तथा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के सुदीप भट्टाचार्य ने किया है। शोध में मुख्य रूप से दो प्रकार के घने खगोलीय पिंडों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: मिलिसेकंड पल्सर और व्हाइट ड्वार्फ

शोधकर्ताओं ने एक गणितीय ढांचे का उपयोग करके यह गणना की कि कैसे डार्क मैटर का निरंतर प्रवाह एक नन्हे ब्लैक होल को बढ़ने में मदद करता है। उन्होंने पाया कि चूंकि कई पल्सर और व्हाइट ड्वार्फ अरबों वर्षों से अस्तित्व में हैं, इसलिए हम उन डार्क मैटर गुणों को खारिज कर सकते हैं जो उन्हें बहुत जल्दी नष्ट कर देते।

Did You Know?: हॉकिंग रेडिएशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके कारण ब्लैक होल धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा खोते हैं और अंततः गायब हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions

1. डार्क मैटर ब्लैक होल को कैसे जीवित रखता है?
डार्क मैटर के कण ब्लैक होल के केंद्र में जमा होते रहते हैं, जिससे उसे निरंतर 'द्रव्यमान' मिलता रहता है, जो हॉकिंग रेडिएशन के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई करता है।

2. यह अध्ययन किन तारों पर केंद्रित है?
यह अध्ययन मुख्य रूप से मिलिसेकंड पल्सर (तेजी से घूमने वाले न्यूट्रॉन तारे) और व्हाइट ड्वार्फ (मृत तारों के अवशेष) पर केंद्रित है।