फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 2-1 से मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने अपनी रणनीतियों का बचाव किया है। मैच के अंतिम क्षणों में रक्षात्मक रणनीति अपनाने को लेकर ट्यूशेल की कड़ी आलोचना हो रही है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • फीफा विश्व कप 2026 के रोमांचक सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया।
  • एंथनी गॉर्डन के गोल के बाद कोच थॉमस ट्यूशेल द्वारा रक्षात्मक रणनीति (बैक-फाइव) अपनाने पर सवाल उठे।
  • एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज के आखिरी मिनटों के गोलों ने अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचाया।

इंग्लैंड का साल 1966 के बाद से चला आ रहा विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ 2-1 से मिली दर्दनाक हार के बाद, इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने अपनी रणनीतियों और सब्सटीट्यूशन (खिलाड़ियों के बदलाव) का दृढ़ता से बचाव किया है। ट्यूशेल ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने फैसलों पर 'कोई पछतावा नहीं' है, भले ही मैच के अंतिम क्षणों में उनके रक्षात्मक रुख की चौतरफा आलोचना हो रही हो।

मैच के दूसरे हाफ में एंथनी गॉर्डन के शानदार गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वे फाइनल में जगह बना लेंगे। लेकिन खेल के 85वें मिनट में अर्जेंटीना के एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल दागा और फिर इंजरी टाइम में लाउतारो मार्टिनेज ने लियोनेल मेसी के पास पर हेडर के जरिए गोल करके इंग्लैंड की उम्मीदों को मटियामेट कर दिया। इस हार के बाद ट्यूशेल के रक्षात्मक पांच-डिफेंडर (back-five) प्रणाली अपनाने के फैसले पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

रणनीति पर ट्यूशेल की सफाई

मैच के बाद बीबीसी से बात करते हुए जर्मन रणनीतिकार थॉमस ट्यूशेल ने हार की जिम्मेदारी ली, लेकिन अपने फैसलों को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "आप इस पर दस लाख कोचों के साथ बहस कर सकते हैं, लेकिन मुझे मैदान पर तुरंत निर्णय लेना होता है। मैंने मैच का विश्लेषण किया और एक निश्चित तरीके से बदलाव किए। इस समय मुझे कोई पछतावा नहीं है। टीम ने अपना सब कुछ झोंक दिया और हम जीत के बेहद करीब थे।"

ट्यूशेल ने आगे बताया कि उन्होंने रक्षात्मक बदलाव क्यों किए। उन्होंने कहा, "हमने बैक-फाइव (पांच डिफेंडर) पर जाने का फैसला किया क्योंकि मैदान पर गैप बहुत ज्यादा खुले थे। अर्जेंटीना के खिलाड़ी हर हेडर जीत रहे थे और लगातार क्रॉस डाल रहे थे। हवाई हमलों को रोकने और अंदरूनी गैप को भरने के लिए यह बदलाव जरूरी था। जब चीजें सही नहीं जातीं, तो यह कहना आसान होता है कि फैसला गलत था।"

ऐतिहासिक संदर्भ और इंग्लैंड का पुराना दर्द

इंग्लैंड के फुटबॉल इतिहास में यह कोई पहली घटना नहीं है जब टीम बढ़त बनाने के बाद रक्षात्मक होकर मैच गंवा बैठी हो। पूर्व कोच गैरेथ साउथगेट के कार्यकाल के दौरान भी यूरो 2020 और अन्य महत्वपूर्ण मैचों में इंग्लैंड को इसी तरह की रक्षात्मक रणनीतियों के कारण हार का सामना करना पड़ा था। थॉमस ट्यूशेल को इसी 'चोकर्स' के ठप्पे को हटाने और इंग्लैंड को चैंपियन बनाने के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन सेमीफाइनल में उनकी यह अति-रक्षात्मक रणनीति भी उलटी पड़ गई।

इंग्लैंड की टीम अब तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ मुकाबले में फ्रांस का सामना करेगी, जबकि लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में स्पेन से भिड़ेगी। ट्यूशेल के इस बयान के बाद भी फुटबॉल पंडितों और प्रशंसकों के बीच उनकी रणनीतियों को लेकर बहस लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद है।