UTT नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट में भारत की शीर्ष महिला खिलाड़ी श्रीजा अकुला को क्वालीफायर राउंड से शुरुआत करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे खेल जगत के दिग्गजों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

  • भारत की नंबर 57 रैंकिंग वाली महिला कप्तान श्रीजा अकुला को क्वालीफायर राउंड खेलना पड़ा।
  • खेल विशेषज्ञों ने टूर्नामेंट के नियमों और रैंकिंग प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
  • विवाद का मुख्य कारण घरेलू रैंकिंग में गिरावट और तकनीकी नियमों का सख्त पालन है।

मुंबई में आयोजित UTT नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत की शीर्ष महिला खिलाड़ी और एशियाई खेलों के लिए महिला टीम की कप्तान श्रीजा अकुला को मुख्य ड्रॉ में प्रवेश करने के लिए क्वालीफायर राउंड से शुरुआत करनी पड़ी। हालांकि श्रीजा ने शिवश्री एस. को हराकर आसानी से जीत हासिल की, लेकिन एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी को क्वालीफायर खेलने के लिए मजबूर करने के फैसले ने खेल जगत के दिग्गजों को चौंका दिया है।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और वर्तमान कोच सुनील बाबरास ने इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'हास्यास्पद' बताया। उनका तर्क है कि भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी को क्वालीफायर जैसे दौर से गुजरना चाहिए नहीं। हालांकि, प्रतियोगिता प्रबंधक एन. गणेशन ने स्पष्ट किया कि तकनीकी टीम केवल TTFI एजीएम (जुलाई 2024) के निर्णय और टूर्नामेंट के प्रॉस्पेक्टस का पालन कर रही थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक खिलाड़ी के बारे में नहीं है, बल्कि यह रैंकिंग सिस्टम की जटिलताओं को उजागर करता है। जब खिलाड़ी चोट या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण घरेलू टूर्नामेंटों में भाग नहीं ले पाते, तो उनकी घरेलू रैंकिंग गिर जाती है। श्रीजा की घरेलू रैंकिंग गिरकर 27वें स्थान पर आ गई थी, जिसके कारण वे सीधे सीडिंग का हकदार नहीं बन सकीं।

"भारत की शीर्ष खिलाड़ी को क्वालीफायर खेलने के लिए मजबूर करना खेल के प्रबंधन पर सवाल खड़ा करता है।"

यह पहली बार नहीं है जब किसी दिग्गज को इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2021 में दिग्गज खिलाड़ी ए. शरथ कमल को भी क्वालीफायर से शुरुआत करनी पड़ी थी, हालांकि उन्होंने अंततः खिताब अपने नाम किया था।

टूर्नामेंट के परिणाम

टूर्नामेंट के अन्य परिणामों की बात करें तो अंडर-17 वर्ग में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। लड़कों के अंडर-17 वर्ग में विवान 데व ने खिताब जीता, जबकि लड़कियों के अंडर-17 वर्ग में दिव्यांशी भौमिक ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए एकल खिताब पर कब्जा किया।

श्रेणीविजेताउपविजेता
अंडर-17 (लड़के)विवान डेवअथर्व नवा रंगे
अंडर-17 (लड़कियां)दिव्यांशी भौमिकअनन्या मुरलीधरन
Did You Know?: टेबल टेनिस में रैंकिंग का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय (ITTF) और घरेलू (TTFI) दोनों स्तरों पर अलग-अलग तरीके से किया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: श्रीजा अकुला को क्वालीफायर क्यों खेलना पड़ा?
उत्तर: चोट और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण उनकी घरेलू रैंकिंग गिरकर 27वीं हो गई थी, जिससे वे सीधे सीडिंग के योग्य नहीं रहीं।

प्रश्न 2: टूर्नामेंट के नियम क्या कहते हैं?
उत्तर: नियमों के अनुसार, केवल ITTF टॉप 50 में शामिल खिलाड़ियों को शीर्ष सीडिंग मिलती है, बाकी घरेलू रैंकिंग पर आधारित होती है।