जापान के कोदाई नाराओका ने विश्व चैंपियनशिप में चीन के ली शिफ़ेंग को हराकर बड़ा उलटफेर किया है। हार के बाद शिफ़ेंग ने दावा किया कि कोर्ट पर एक बड़ी चींटी ने उनका ध्यान भटकाया, जिससे वे मैच पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सके।
- जापान के कोदाई नाराओका ने ली शिफ़ेंग को तीन सेटों में मात दी।
- शिफ़ेंग ने मैच के दौरान एक 'बड़ी चींटी' के कारण एकाग्रता खोने का दावा किया।
- यह चीनी पुरुष एकल इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है।
दिल्ली के आईजी स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में, जापान के कोदाई नाराओका ने चीन के स्टार खिलाड़ी ली शिफ़ेंग को हराकर विश्व चैंपियनशिप में हलचल मचा दी है। शिफ़ेंग, जो चीनी टीम के आखिरी बड़े उम्मीदवार थे, को 13-21, 23-21, 21-11 के स्कोर से हार का सामना करना पड़ा। 77 मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मैच में शिफ़ेंग दूसरे सेट में जीत की दहलीज पर थे, लेकिन अचानक हुए घटनाक्रम ने खेल का रुख बदल दिया।
एक चींटी और टूटा हुआ ध्यान
मैच के बाद, ली शिफ़ेंग ने अपनी हार के लिए एक बेहद अजीब लेकिन दिलचस्प कारण बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर एक 'बड़ी चींटी' मौजूद थी जिसने उनका पूरा ध्यान भटका दिया। शिफ़ेंग के अनुसार, "वहाँ एक बड़ी चींटी थी। मैं अब और ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था। मैंने उसे अपने रैकेट के फ्रेम से हटाने की कोशिश की, लेकिन वह मेरे रैकेट पर ही चढ़ गई। दूसरे सेट में 5-11 तक, मैं बस उसी के बारे में सोच रहा था।"
"मुझे कीड़ों से नफरत है। मैं उनके साथ नहीं निपट सकता," शिफ़ेंग ने अपनी एकाग्रता में आई बाधा को स्पष्ट करते हुए कहा।
हालांकि जापानी मीडिया ने इसे खिलाड़ी के मानसिक ध्यान की कमी बताया, लेकिन शिफ़ेंग ने इसे एक वास्तविक समस्या करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वह चींटी नहीं होती, तो वे बहुत बेहतर खेल सकते थे। उनके अनुसार, जब तक उन्होंने चींटी के बारे में सोचना बंद नहीं किया, वे खेल पर वापस नहीं लौट सके।
चीनी बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक काला दिन
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक खिलाड़ी की हार नहीं है, बल्कि चीनी बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक संकट है। इस चैंपियनशिप में चीन का प्रदर्शन अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। शिफ़ेंग के अलावा, शी यूकी और वेंट होंग यांग भी टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
चीनी पुरुष एकल इतिहास में यह पहली बार है जब कोई भी खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुँच सका। इससे पहले 1995 में चीन का सबसे खराब प्रदर्शन देखा गया था, जहाँ केवल एक खिलाड़ी अंतिम आठ में पहुँच पाया था।
तुलनात्मक प्रदर्शन: चीनी पुरुष एकल
| वर्ष | परिणाम/स्थिति |
|---|---|
| 1995 | केवल 1 खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुँचा |
| 2026 (वर्तमान) | कोई भी खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुँचा |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ली शिफ़ेंग को हारने का मुख्य कारण क्या लगा?
उत्तर: शिफ़ेंग ने कहा कि कोर्ट पर एक बड़ी चींटी ने उनका ध्यान भटका दिया, जिससे वे खेल पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सके।
प्रश्न 2: क्या चीनी टीम का प्रदर्शन खराब रहा?
उत्तर: हाँ, यह चीनी पुरुष एकल के इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन है क्योंकि कोई भी खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुँच सका।