अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चेरी पैरा सीरीज के समापन पर भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक जीते। स्टार पैरा-आर्चर शीतल देवी ने व्यक्तिगत स्वर्ण सहित दो पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
- शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
- भारत ने कुल 4 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य पदक हासिल किए।
- चेकिया 5 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा।
अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चेरी पैरा सीरीज के अंतिम दिन भारतीय तीरंदाजों ने अपने कौशल का लोहा मनवाया। भारत ने प्रतियोगिता के समापन पर कुल छह पदक अर्जित किए, जिससे देश की समग्र स्थिति और मजबूत हुई। इस पूरे टूर्नामेंट में भारत ने कुल 15 पदकों का संग्रह किया, जिसमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, चेकिया 5 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में पहले स्थान पर रहा, लेकिन भारत ने दूसरे स्थान पर रहकर अपनी वैश्विक धाक जमाई है।
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चमक शीतल देवी रहीं। बिना हाथों वाली इस असाधारण तीरंदाज ने एक बार फिर साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। शीतल ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के फाइनल में कजाकिस्तान की सेदान आइजाडा को बेहद रोमांचक मुकाबले में हराया। स्कोर 144-144 की बराबरी पर होने के बाद, शूट-ऑफ में शीतल ने 10-9 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
शीतल की सफलता यहीं नहीं रुकी। उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में इराक की हमीद सारा और काज़िम अब्बास को 157-145 से हराकर कांस्य पदक जीता। यह जीत भारतीय पैरा-तीरंदाजी के बढ़ते स्तर को दर्शाती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत का पैरा-खेलों में यह उत्थान केवल व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित बुनियादी ढांचे के विकास का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक तालिका में शीर्ष दो में रहना यह दर्शाता है कि भारत अब पैरा-आर्चेरी में एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, जो भविष्य के पैरालंपिक खेलों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
शीतल देवी की तकनीकी सटीकता और मानसिक मजबूती उन्हें दुनिया की सबसे घातक पैरा-तीरंदाजों की श्रेणी में खड़ा करती है।
अन्य परिणामों की बात करें तो, रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में भावना और हरविंदर सिंह ने चीन की लैंग क्विरोंग और शिया लेई को 6-0 से रौंदकर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा, भावना ने अपनी ही देश की राजश्री राठौड़ को 6-0 से हराकर व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता।
पुरुषों और महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धाओं में भी भारत का दबदबा रहा। तोमन कुमार ने अब्बास को 143-138 से हराया, जबकि सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को 141-140 के करीबी अंतर से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
| देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| चेकिया | 5 | - | - | 5+ |
| भारत | 4 | 3 | 8 | 15 |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वर्ल्ड आर्चेरी पैरा सीरीज में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
उत्तर: भारत ने कुल 15 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं।
प्रश्न 2: शीतल देवी ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक कैसे जीता?
उत्तर: शीतल ने फाइनल में कजाकिस्तान की सेदान आइजाडा को शूट-ऑफ (10-9) में हराकर स्वर्ण पदक जीता।