तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने चेतावनी दी है कि एल निनो के कारण आने वाले महीनों में सूखे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। राज्य में मानसून की बारिश में अब तक 30% की गिरावट दर्ज की गई है।
मुख्य बिंदु
- तेलंगाना में मानसून की बारिश में 30% की कमी आई है।
- कृषि मंत्री ने एल निनो को पिछले 150 वर्षों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा बताया है।
- अगस्त से अक्टूबर के बीच सूखे का प्रभाव और बढ़ने की संभावना है।
- सरकार किसानों को कम पानी वाली फसलों और ऑयल पाम की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने एल निनो के प्रभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मानसून सीजन के दौरान राज्य में वर्षा में 30% की भारी कमी देखी गई है। मंत्री ने इस जलवायु परिवर्तन को एक दुर्लभ और गंभीर घटना बताते हुए इसे पिछले 150 वर्षों में न देखी गई 'प्राकृतिक आपदा' करार दिया है।
हैदराबाद के गांधी भवन में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए, श्री राव ने कहा कि एल निनो का प्रतिकूल प्रभाव अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। सरकार इस संकट से निपटने के लिए हर गांव में जागरूकता फैलाने का काम कर रही है ताकि किसान आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए वर्षा का यह घाटा बेहद चिंताजनक है। यदि अगस्त से अक्टूबर तक बारिश नहीं होती है, तो खरीफ की फसलों और आगामी रबी सीजन पर इसका सीधा और विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। यह न केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
एल निनो का यह चरण पिछले डेढ़ सदियों में सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, जिससे कृषि पैटर्न में बदलाव अनिवार्य है।
सरकार ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री ने विशेष रूप से किसानों को ऐसी फसलों को चुनने की सलाह दी है जिनमें पानी की खपत कम हो। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि किसान अब ऑयल पाम जैसी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जो कम पानी में बेहतर परिणाम दे सकती हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एल निनो एक जलवायु पैटर्न है जो प्रशांत महासागर के सतही पानी के गर्म होने से उत्पन्न होता है, जिससे दुनिया भर के मानसून चक्र प्रभावित होते हैं। भारत और विशेष रूप से दक्षिण भारत में, एल निनो अक्सर सूखे और वर्षा की कमी का कारण बनता है, जिससे कृषि उत्पादन में भारी गिरावट आती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: तेलंगाना में बारिश की कमी कितनी है?
उत्तर: वर्तमान मानसून के दौरान राज्य में वर्षा में 30% की कमी दर्ज की गई है।
प्रश्न 2: सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कर रही है?
उत्तर: सरकार किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती करने और जागरूकता अभियान चलाने में मदद कर रही है।