आईटी और एचआरडी मंत्री नारा लोकेश 30 जुलाई को रायलसीमा में टाटा पावर की दो विशाल स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। यह निवेश राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा।
मुख्य बातें
- कुल निवेश: ₹5,750 करोड़
- क्षमता: 800 मेगावाट (400 मेगावाट सौर + 400 मेगावाट पवन)
- रोजगार: निर्माण चरण के दौरान लगभग 4,000 लोगों को काम मिलेगा
- लाभार्थी: 1,100 से अधिक कृषि परिवार
आंध्र प्रदेश के आईटी और एचआरडी मंत्री नारा लोकेश आगामी 30 जुलाई को रायलसीमा क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। वह टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) द्वारा स्थापित की जा रही दो महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
इन परियोजनाओं में अनंतपुर जिले के कानेकल में 400 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना (₹3,500 करोड़) और कुरनूल जिले के पट्टीकोंडा में 400 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना (₹2,250 करोड़) शामिल है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में उभरते बड़े उद्योगों की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निवेश केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रायलसीमा को एक प्रमुख 'रिन्यूएबल एनर्जी हब' में बदलने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। 'एपी इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी-2024' के तहत यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय कृषि समुदायों के लिए वित्तीय स्थिरता का एक नया स्रोत भी बनेगी।
ये परियोजनाएं 2,700 एकड़ और 760 एकड़ भूमि पर फैली होंगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि टाटा की इन परियोजनाओं ने पहले ही अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (ISTS) कनेक्टिविटी प्राप्त कर ली है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से बिजली का कुशल वितरण सुनिश्चित होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
आंध्र प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। रेन्यू पावर और SAEL जैसी बड़ी कंपनियों की उपस्थिति के साथ, राज्य अब सौर और पवन ऊर्जा का एक एकीकृत केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इन परियोजनाओं से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
उत्तर: निर्माण चरण के दौरान लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
प्रश्न 2: यह परियोजना किन जिलों में स्थित है?
उत्तर: ये परियोजनाएं अनंतपुर (कानेकल) और कुरनूल (पट्टीकोंडा) जिलों में स्थित हैं।