कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के हालिया फैसले के खिलाफ कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली है। मंत्री एन. चेलुवरैयास्वामी ने कहा कि 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश राज्य के लिए अव्यावहारिक है।
मुख्य बातें
- कर्नाटक कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।
- सरकार का तर्क है कि 12,000 क्यूसेक प्रतिदिन पानी छोड़ना राज्य के लिए असंभव है।
- मंत्री ने पीने के पानी की कमी और भविष्य के मानसून की अनिश्चितता पर चिंता जताई है।
कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरैयास्वामी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के हालिया आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह कदम मंगलवार को सीडब्ल्यूआरसी (CWRC) के उस निर्देश को बरकरार रखने के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
बोजोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल पानी के बंटवारे का नहीं, बल्कि राज्य की जल सुरक्षा और आगामी सूखे की स्थिति से भी जुड़ा है। मंत्री चेलुवरैयास्वामी ने स्पष्ट किया कि पहले का आदेश (3,500 क्यूसेक) कठिन था लेकिन पालन किया जा सकता था, परंतु वर्तमान 12,000 क्यूसेक का लक्ष्य राज्य के लिए अत्यधिक बोझ है।
"हमें इस संकट की स्थिति में पीने के पानी की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी होगी।" - एन. चेलुवरैयास्वामी
मंत्री ने तर्क दिया कि इस आदेश के पालन से कर्नाटक को लगभग 15 tmcft पानी छोड़ना पड़ेगा, जो राज्य के लिए बहुत अधिक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मौसम विभाग के अनुसार अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की संभावना कम है, इसलिए जून 2027 तक पानी का संरक्षण करना अनिवार्य है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कावेरी नदी जल विवाद दशकों पुराना है, जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच पानी के बंटवारे को लेकर कानूनी और राजनीतिक खींचतान चलती रहती है। सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों और अंतरराज्यीय नदी जल विवाद न्यायाधिकरण के आदेशों ने इस संघर्ष को एक जटिल कानूनी मोड़ दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट क्यों जा रहा है?
क्योंकि CWMA ने प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है, जिसे कर्नाटक अव्यावहारिक मानता है।
2. कर्नाटक की मुख्य चिंता क्या है?
मुख्य चिंता राज्य में पीने के पानी की उपलब्धता और मानसून की अनिश्चितता को लेकर है।