भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) और रोटरी क्लब ने धारवाड़ के सिविल अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए स्तनपान के महत्व पर जोर दिया।

मुख्य बातें

  • स्तनपान नवजात शिशुओं के लिए पोषण का सबसे प्राकृतिक और संपूर्ण स्रोत है।
  • कोलोस्ट्रम (पहला दूध) बच्चे के लिए 'पहले टीके' के रूप में कार्य करता है।
  • जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • प्रथम छह महीनों तक केवल स्तनपान ही शिशु की सभी पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है।

धारवाड़, कर्नाटक: भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP), धारवाड़ शाखा ने रोटरी क्लब ऑफ सेवन हिल्स के सहयोग से शनिवार को धारवाड़ के सिविल अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम के साथ की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई माताओं को स्तनपान के लाभों और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में शिक्षित करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. टी.ए. शेपुर ने कहा कि स्तनपान शिशुओं को दस्त और निमोनिया जैसे संक्रमणों से बचाने में मदद करता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करें और स्वास्थ्य पेशेवरों से उचित परामर्श की मांग की।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभी भी स्तनपान को लेकर कई पारंपरिक भ्रांतियां मौजूद हैं। सही जानकारी और चिकित्सा सहायता के माध्यम से शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कोलोस्ट्रम, जो माँ का पहला दूध है, एंटीबॉडी से भरपूर होता है और यह बच्चे के लिए 'पहले टीके' की तरह काम करता है।

IAP धारवाड़ के अध्यक्ष कवन देशपांडे ने जोर देकर कहा कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे किसी भी मिथक के कारण कोलोस्ट्रम को फेंकने की गलती न करें। वहीं, फिजियोथेरेपिस्ट दृष्टि देशपांडे ने माताओं को सही तकनीक और पोजीशनिंग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में मनाया जाता है ताकि स्तनपान के लाभों को बढ़ावा दिया जा सके और स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाई जा सके।

क्या आप जानते हैं?: पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने से शिशु को पानी की भी आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि माँ के दूध में पर्याप्त तरल पदार्थ होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कोलोस्ट्रम क्या है?
उत्तर: यह प्रसव के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध है, जो बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न 2: स्तनपान कब शुरू करना चाहिए?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कर देना चाहिए।