श्रीलंका के ऐतिहासिक देविनुवारा एसाला उत्सव में अंडरवर्ल्ड खतरों के कारण स्थगित हुआ कावड़ी अनुष्ठान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में फिर से शुरू हो गया है।

मुख्य बातें

  • विशेष कार्य बल (STF) सहित 1,500 सुरक्षाकर्मी तैनात।
  • ड्रोन और सशस्त्र हमले की आशंका के कारण पहले अनुष्ठान रद्द किया गया था।
  • नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशों को विफल किया गया।
  • यह उत्सव 13वीं शताब्दी से भगवान विष्णु के सम्मान में मनाया जा रहा है।

श्रीलंका के प्राचीन धार्मिक उत्सव, देविनुवारा एसाला पेजेंट में मंगलवार को कावड़ी अनुष्ठान का पुनरागमन हुआ। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि उत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवानों सहित लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

गौरतलब है कि इस पारंपरिक नृत्य अनुष्ठान को पिछले रविवार को सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया गया था। खुफिया जानकारी मिली थी कि ड्रग किंगपिन शहन सत्सरा और कंजीपानी इमरान के बीच चल रहे अंडरवर्ल्ड संघर्ष के कारण मंदिर पर सशस्त्र हमला या ड्रोन हमला हो सकता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि कैसे संगठित अपराध और ड्रग तस्करी का प्रभाव सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक शांति को बाधित कर रहा है। पुलिस ने अनुष्ठान के दौरान तलाशी अभियान चलाया, जिसमें कुछ व्यक्तियों से 'आइस' (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) और गांजा बरामद किया गया।

अंडरवर्ल्ड गैंगों के बीच का यह संघर्ष अब श्रीलंका के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष कावड़ी अनुष्ठान का अनुबंध सत्सरा के समर्थकों को दिया गया है, जिससे दोनों गुटों के बीच तनाव और बढ़ गया है। मार्च 2025 में इसी मंदिर के पास इमरान के गैंग के दो सदस्यों की हत्या कर दी गई थी, जो इस क्षेत्र में बढ़ते अपराध का प्रमाण है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

देविनुवारा एसाला उत्सव 13वीं शताब्दी का है और यह भगवान विष्णु के सम्मान में मनाया जाने वाला श्रीलंका के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। कावड़ी अनुष्ठान में भक्त ढोल की थाप पर नाचते हुए सजे हुए लकड़ी के ढांचे अपने कंधों पर उठाते हैं, जो कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है।

क्या आप जानते हैं?: देविनुवारा एसाला उत्सव श्रीलंका में बौद्ध और हिंदू परंपराओं के सह-अस्तित्व का एक अनूठा प्रतीक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कावड़ी अनुष्ठान को क्यों रोका गया था?
उत्तर: अंडरवर्ल्ड गैंगों के बीच संघर्ष के कारण ड्रोन या सशस्त्र हमले की खुफिया चेतावनी मिलने के बाद इसे रोका गया था।

प्रश्न 2: इस उत्सव का महत्व क्या है?
उत्तर: यह 13वीं शताब्दी से भगवान विष्णु के सम्मान में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव है।