नोएडा में एक आवासीय इमारत में हुई आग ने ईवी चार्जिंग की सुरक्षा को फिर से सवालों के घेरे में डाल दिया है। विशेषज्ञों ने सही इंस्टॉलेशन, समर्पित सर्किट और नियमित जांच के महत्व पर बल दिया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ईवी चार्जर को प्रशिक्षित तकनीशियन द्वारा स्थापित करें और अलग सर्किट से जोड़ें।
- अस्थायी या अनौपचारिक चार्जिंग सेट‑अप, जैसे एक्सटेंशन कॉर्ड, से बचें।
- नियमित विद्युत निरीक्षण और ओवरहीटिंग के संकेतों पर तुरंत कार्रवाई करें।
15 जुलाई 2026 को नोएडा के एक आवासीय भवन में हुई आग, जो अभी‑ही चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक दोपहिया के कारण हुई थी, ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर गहन चर्चा को जन्म दिया। इस घटना में दो लोगों की मृत्यु और कई परिवारों का विस्थापन हुआ, जबकि कई निवासियों ने धुएँ और राख से ग्रसित अपने घरों को देखा।
इंस्टीलेशन के मूल नियम
काज़ाम स्टार्ट‑अप की पब्लिक पॉलिसी सीनियर मैनेजर जेनिसिया रोड्रिगे ने बताया कि चार्जर को केवल प्रशिक्षित तकनीशियन द्वारा स्थापित किया जाना चाहिए और उसे एक समर्पित विद्युत सर्किट से जोड़ना चाहिए, ताकि अन्य उच्च‑लोड उपकरणों के साथ पावर शेयरिंग से बचा जा सके। यह कदम ओवरलोड, ओवरहीटिंग और शॉर्ट‑सर्किट की संभावना को काफी हद तक कम करता है।
अस्थायी समाधान और उनके खतरे
अधिकांश घरों में उपलब्ध न होने वाले औपचारिक चार्जिंग पॉइंट के कारण कुछ लोग एक्सटेंशन कॉर्ड, एडेप्टर या खुली वायरिंग का प्रयोग करते हैं। रोड्रिगे ने स्पष्ट किया कि ये अस्थायी उपाय न केवल विद्युत जोखिम बढ़ाते हैं बल्कि आग लगने की संभावना को भी दोगुना कर देते हैं।
औद्योगिक अध्ययन और वास्तविकता
काज़ाम और एलेयंस फॉर एन एनर्जी इफ़िशिएंट इकॉनमी (AEEE) द्वारा किए गए एक हालिया सर्वे में पाया गया कि केवल 55 % संभावित ईवी खरीदारों के पास भारत में औपचारिक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यह आंकड़ा न केवल चार्जिंग नेटवर्क की कमी को दर्शाता है, बल्कि अनियमित सेट‑अप के बढ़ते जोखिम को भी उजागर करता है।
OEM चार्जर का उपयोग और तकनीकी सुरक्षा
दिल्ली स्थित थिंक‑टैंक सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (CSEP) के फेलो श्यमासीस दास ने जोर देकर कहा कि वाहन मालिकों को केवल मूल निर्माता (OEM) द्वारा प्रदान किया गया चार्जर ही उपयोग करना चाहिए। यह न केवल चार्जर की संगतता सुनिश्चित करता है, बल्कि प्रत्येक वाहन की विशिष्ट विद्युत आवश्यकताओं को भी पूरा करता है।
नियमित निरीक्षण और चेतावनी संकेत
रोड्रिगे ने न्यूनतम सर्किट ब्रेकर (MCB) और रेजिडुअल करंट सर्किट ब्रेकर (RCCB) जैसी सुरक्षा डिवाइसों की स्थापना, उचित अर्थिंग और जल रिसाव से दूर सूखे, हवादार स्थान पर चार्जर की माउंटिंग की सिफारिश की। साथ ही, पुराने इमारतों में नियमित विद्युत निरीक्षण, चार्जिंग केबल और कनेक्टर की स्थिति की जाँच अनिवार्य है। दास ने बताया कि जलन की गंध, कनेक्टर का नुकसान, उजली वायरिंग या स्पार्क जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए; इन मामलों में तुरंत वाहन निर्माता या प्रमाणित ईवी तकनीशियन से संपर्क करना चाहिए।
भविष्य की दिशा
नोएडा की इस दुखद घटना ने नीति निर्माताओं को ईवी चार्जिंग नियमों को और कड़ा करने की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है। सरकार को आवासीय परिसरों में अनिवार्य सुरक्षा मानकों को लागू करना चाहिए, साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का विस्तार तेज करना चाहिए, ताकि घरों में असुरक्षित DIY चार्जिंग से बचा जा सके।