भारत के अनुसंधान और विकास (R&D) परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है, जहाँ निजी उद्योग अब कुल राष्ट्रीय अनुसंधान खर्च का 51.8% हिस्सा वहन कर रहे हैं। यह पहली बार है जब निजी क्षेत्र ने सरकारी निवेश को पीछे छोड़ दिया है।

मुख्य बातें

  • निजी क्षेत्र अब भारत के कुल R&D खर्च का 51.8% हिस्सा है।
  • परिवहन, फार्मास्यूटिकल्स और आईटी क्षेत्र अनुसंधान में सबसे आगे हैं।
  • भारत का R&D खर्च GDP का मात्र 0.84% है, जो वैश्विक दिग्गजों से काफी कम है।
  • अनुसंधान निधि के लिए 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन' (ANRF) एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के नवीनतम आंकड़ों ने एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। वर्ष 2023-24 में, निजी उद्योग ने राष्ट्रीय अनुसंधान खर्च में 51.8% की हिस्सेदारी दर्ज की है। यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब निजी निवेश ने सभी स्तरों के सरकारी खर्चों को एक साथ पीछे छोड़ दिया है।

इस बदलाव का नेतृत्व परिवहन कंपनियां कर रही हैं, जिसके बाद फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का स्थान है। 2020-21 और 2021-22 के बीच, निजी खर्च लगभग दोगुना होकर ₹82,975 करोड़ तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद कंपनियों को यह एहसास हुआ है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अनुसंधान अनिवार्य है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था को केवल कम लागत वाली सेवाओं से हटाकर उच्च-तकनीकी विनिर्माण (Advanced Manufacturing) की ओर ले जाने की क्षमता रखता है। हालांकि, यह भी ध्यान देना आवश्यक है कि इस वृद्धि का एक हिस्सा बेहतर रिपोर्टिंग और नए नियामक मानदंडों (RBI और स्थिरता प्रकटीकरण) के कारण भी हो सकता है।

असली चुनौती केवल पैसा खर्च करने में नहीं, बल्कि देश में शोधकर्ताओं की संख्या और उनकी विशेषज्ञता बढ़ाने में है।

तुलनात्मक रूप से, भारत का R&D खर्च GDP का केवल 0.84% है, जबकि चीन (2.58%) और अमेरिका (3.45%) जैसे देशों में यह काफी अधिक है। यदि भारत को वास्तव में एक वैश्विक शक्ति बनना है, तो उसे अपने अनुसंधान आधार को और अधिक मजबूत करना होगा।

तुलनात्मक विश्लेषण: अनुसंधान खर्च (GDP का %)

देशR&D खर्च (% GDP)
दक्षिण कोरिया4.94%
संयुक्त राज्य अमेरिका3.45%
चीन2.58%
भारत0.84%
क्या आप जानते हैं?: भारत में वर्तमान में प्रति दस लाख लोगों पर केवल 354 शोधकर्ता हैं, जबकि दक्षिण कोरिया जैसे देशों में यह संख्या हजारों में है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. भारत में अनुसंधान का नेतृत्व कौन सा क्षेत्र कर रहा है?
वर्तमान में परिवहन क्षेत्र अनुसंधान में सबसे बड़ा कॉर्पोरेट निवेशक है, उसके बाद फार्मा और आईटी आते हैं।

2. अनुसंधान निधि के लिए सरकार की क्या योजना है?
सरकार ने 'अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन' (ANRF) बनाया है, जिसका लक्ष्य निजी स्रोतों से ₹50,000 करोड़ जुटाना है।