Meta की नई पहल में WhatsApp ने ऑन‑डिवाइस मशीन लर्निंग से स्कैम संदेशों की पहचान करने वाला फ़ीचर पेश किया है। यह उपयोगकर्ता को चेतावनी देता है और पूरी गोपनीयता बनाए रखता है।

मुख्य बिंदु

  • स्कैम संदेशों को पहचानने वाला नया फ़ीचर लॉन्च
  • ऑन‑डिवाइस AI मॉडल, डेटा सर्वर तक नहीं जाता
  • उपयोगकर्ता सेटिंग्स में मैन्युअल रूप से चालू/बंद कर सकते हैं

Meta ने 14 अगस्त को घोषणा की कि WhatsApp एक नई सुरक्षा सुविधा – स्कैम अलर्ट – पेश कर रहा है। यह फ़ीचर विशेष रूप से उन संदेशों की पहचान करता है जो फ़िशिंग, फ़्रॉड या व्यक्तिगत जानकारी की मांग करते हैं।

फ़ीचर का कोर ऑन‑डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल है, जो प्रत्येक संदेश को स्थानीय रूप से विश्लेषण करता है। यदि कोई संदेश संदिग्ध पैटर्न दिखाता है, तो चैट विंडो के शीर्ष पर लाल झंडा और चेतावनी बैनर प्रदर्शित होता है।

डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए, यह प्रणाली संदेश को Meta के सर्वर या किसी तीसरे पक्ष को नहीं भेजती। इससे उपयोगकर्ता के चैट इतिहास पूरी तरह निजी रहता है।

फ़ीचर को सक्रिय करने के लिए, उपयोगकर्ता को WhatsApp सेटिंग्स → चैट → एआई टूल्स में जाकर “स्कैम अलर्ट” को मैन्युअली ऑन करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे कभी भी बंद किया जा सकता है।

चेतावनी बैनर दिखाई देने पर उपयोगकर्ता तुरंत चैट को ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकते हैं, या बैनर को हटाकर बातचीत जारी रख सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कई वर्षों में WhatsApp पर फ़िशिंग और धोखाधड़ी के मामले बढ़ते रहे हैं, जहाँ ठग अक्सर व्यक्तिगत जानकारी या पैसे की मांग करते हैं। इस नई सुविधा का उद्देश्य उन ख़तरों को पहले ही पहचान कर उपयोगकर्ता को बचाना है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that integrating AI‑driven scam detection directly on devices can reduce phishing success rates by up to 40%, reinforcing trust in messaging platforms.

"ऑन‑डिवाइस AI सुरक्षा का भविष्य है, क्योंकि यह डेटा लीक के जोखिम को समाप्त करता है," कहते हैं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रिया सिंह।
क्या आप जानते हैं?: WhatsApp ने 2019 में भी एक समान दो‑स्तरीय एन्क्रिप्शन लागू किया था, जिससे केवल संदेश भेजने वाला और प्राप्तकर्ता ही उसे पढ़ सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह फ़ीचर सभी देशों में उपलब्ध होगा?

उत्तर: प्रारंभिक रूप से यह फ़ीचर भारत और कुछ प्रमुख बाजारों में बीटा परीक्षण के बाद जारी किया जाएगा, फिर विश्व स्तर पर रोल‑आउट होगा।

प्रश्न 2: क्या इस फ़ीचर से मेरे चैट की गुप्तता प्रभावित होगी?

उत्तर: नहीं, क्योंकि सभी विश्लेषण स्थानीय रूप से होते हैं और कोई डेटा क्लाउड में नहीं जाता।