बेंगलुरु स्थित डीप-टेक फर्म QpiAI ने क्वांटम प्रोसेसर निर्माण के लिए एक अत्याधुनिक फाउंड्री शुरू की है। कर्नाटक सरकार ने इस तकनीक के वास्तविक दुनिया में अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने का वादा किया है।

  • QpiAI ने बेंगलुरु में 8-इंच क्वांटम फाउंड्री का दूसरा चरण पूरा किया है।
  • कंपनी का लक्ष्य अगले वर्ष तक एक सिंगल QPU पर 10,000 फिजिकल क्यूबिट्स तक पहुंचना है।
  • कर्नाटक सरकार क्वांटम कंप्यूटिंग के वास्तविक दुनिया के उपयोगों के लिए समर्थन प्रदान करेगी।

बेंगलुरु स्थित डीप-टेक कंपनी QpiAI ने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए अपनी क्वांटम फाउंड्री का उद्घाटन किया है। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य क्वांटम प्रोसेसर के निर्माण की क्षमताओं को मजबूत करना और भारत में क्वांटम प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देना है। यह फाउंड्री न केवल प्रोसेसर बल्कि क्वांटम कंप्यूटरों में उपयोग होने वाले पेरिफेरल चिप्स और सेंसर बनाने में भी सक्षम है।

कंपनी ने अब तक चार महत्वपूर्ण क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट्स (QPUs) का निर्माण किया है: 8-क्यूबिट Qvidya, 25-क्यूबिट Indus, 64-क्यूबिट Kaveri, और 9-क्यूबिट Yukti। इनमें से 'युक्त' (Yukti) विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फ्लक्सोनियम क्यूबिट्स पर आधारित है, जिसने एरर-करेक्टेड लॉजिकल क्यूबिट्स में असाधारण क्षमता दिखाई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह कदम भारत को वैश्विक क्वांटम रेस में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है। जब हम AI और क्वांटम का मेल देखते हैं, तो यह केवल गणना की गति नहीं, बल्कि दवा खोज (Drug Discovery) और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में पूरी तरह से बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए कहा कि बेंगलुरु में उन्नत क्वांटम विनिर्माण क्षमताओं की स्थापना राज्य के डीप-टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आईटी विभाग QpiAI और अन्य कॉर्पोरेट्स के साथ मिलकर इन तकनीकों को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में बदलने के लिए काम करेगा।

क्वांटम फाउंड्री का विकास केवल हार्डवेयर निर्माण नहीं है, बल्कि यह भविष्य के 'क्वांटम सुप्रीमेसी सेंटर्स' की नींव है जो AI और क्वांटम के हाइब्रिड डेटा केंद्रों का निर्माण करेंगे।

QpiAI के सीईओ और संस्थापक नागेंद्र नागराजा ने बताया कि कंपनी का विजन 'क्वांटम सुप्रीमेसी सेंटर्स' (QSCs) स्थापित करना है। ये केंद्र 'क्वांटम एआई फैक्ट्रियों' के रूप में कार्य करेंगे। पहला QSC 10 एकड़ भूमि पर 3,00,000 वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, और कंपनी की योजना भारत के बाहर चार और QSC स्थापित करने की है।

QPU नाम क्यूबिट क्षमता तकनीक/विशेषता
Qvidya 8 क्यूबिट ट्रांसमोन-आधारित
Indus 25 क्यूबिट ट्रांसमोन-आधारित
Kaveri 64 क्यूबिट ट्रांसमोन-आधारित
Yukti 9 क्यूबिट फ्लक्सोनियम (एरर-करेक्टेड)
क्या आप जानते हैं?: क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक बिट्स (0 या 1) के बजाय 'क्यूबिट्स' का उपयोग करते हैं, जो एक ही समय में दोनों अवस्थाओं में हो सकते हैं, जिससे उनकी गणना शक्ति अरबों गुना बढ़ जाती है।

Frequently Asked Questions

1. QpiAI का अंतिम लक्ष्य क्या है?
कंपनी का लक्ष्य एक सिंगल QPU पर 10,000 फिजिकल क्यूबिट्स तक पहुंचना और अंततः हाइब्रिड क्वांटम-AI डेटा सेंटर बनाना है।

2. कर्नाटक सरकार इस परियोजना में कैसे मदद कर रही है?
सरकार इन तकनीकी क्षमताओं को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों और औद्योगिक समाधानों में बदलने के लिए नीतिगत और कार्यान्वयन सहायता प्रदान करेगी।