एमआईटी के शोधकर्ताओं ने बैक्टीरिया की कॉलोनियों को जीवित सर्किट बोर्ड में बदल दिया है जो रासायनिक संकेतों के माध्यम से गणना कर सकते हैं। यह तकनीक भविष्य में पौधों को खुद निर्णय लेने में सक्षम बना सकती है।
- एमआईटी इंजीनियरों ने बैक्टीरिया को 'जैविक ट्रांजिस्टर' के रूप में विकसित किया है।
- यह सिस्टम बिजली के बजाय रासायनिक संकेतों (Chemical Signals) का उपयोग करता है।
- भविष्य में इसका उपयोग कृषि और पौधों की सुरक्षा में किया जा सकता है।
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के इंजीनियरों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो विज्ञान कथाओं (Science Fiction) जैसी लगती है। उन्होंने जीवित बैक्टीरिया की कॉलोनियों को ऐसे सर्किट बोर्ड में बदल दिया है जो कंप्यूटर की तरह गणना करने में सक्षम हैं। यह तकनीक बिजली के बजाय रासायनिक संदेशों का उपयोग करके सूचनाओं को एक सेल से दूसरे सेल तक पहुँचाती है।
कैसे काम करता है यह 'जीवित कंप्यूटर'?
इस शोध का नेतृत्व एमआईटी के बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख क्रिस्टोफर वोइगट और पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर हामिद दोस्तोसैनी ने किया है। उन्होंने Pantoea agglomerans नामक बैक्टीरिया का उपयोग करके ऐसे जैविक ट्रांजिस्टर बनाए हैं जो पारंपरिक कंप्यूटर के स्विचिंग तत्वों की तरह काम करते हैं। जहाँ सामान्य कंप्यूटर बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं, वहीं ये बैक्टीरिया OC-6 और OC-12 जैसे अणुओं के माध्यम से रासायनिक संकेतों को नियंत्रित करते हैं।
शोधकर्ताओं ने दो प्रकार के ट्रांजिस्टर बनाए हैं: एक जो संकेत मिलने पर 'ऑन' हो जाता है और दूसरा जो 'ऑफ' हो जाता है। इन संकेतों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने तीन अतिरिक्त बैक्टीरिया स्ट्रेन का उपयोग किया है जो 'रिले' के रूप में कार्य करते हैं। इन कॉलोनियों को एक सतह पर प्रिंट किया जा सकता है, जिससे एक जटिल जैविक सर्किट का निर्माण होता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह खोज सिंथेटिक बायोलॉजी के क्षेत्र में एक युगांतकारी मोड़ है। यह केवल गणना करने के बारे में नहीं है, बल्कि जैविक प्रणालियों को 'बुद्धिमान' बनाने के बारे में है। यदि हम पौधों के भीतर ऐसे सर्किट स्थापित कर सकें, तो वे सूखे, कीटों या बीमारियों का पता लगाकर खुद को बचाने के लिए आवश्यक रसायनों का उत्पादन कर सकते हैं।
यह तकनीक सिलिकॉन चिप्स को बदलने के लिए नहीं, बल्कि जीव विज्ञान में गणनात्मक नियंत्रण लाने के लिए है।
हालाँकि, यह तकनीक अभी बहुत धीमी है। जहाँ एक स्मार्टफोन मिलीसेकंड में गणना करता है, वहीं इस बैक्टीरिया कंप्यूटर को एक गणना पूरी करने में लगभग आठ घंटे लगते हैं। लेकिन जैविक प्रणालियों के लिए, जहाँ प्रतिक्रिया का समय घंटों या दिनों में मापा जाता है, यह गति पर्याप्त है।
तुलना: जैविक बनाम इलेक्ट्रॉनिक सर्किट
| विशेषता | इलेक्ट्रॉनिक सर्किट | जैविक (बैक्टीरिया) सर्किट |
|---|---|---|
| ऊर्जा स्रोत | बिजली (Electricity) | रासायनिक संकेत (Chemicals) |
| गति | अति तीव्र (Nanoseconds) | धीमी (Hours) |
| मुख्य घटक | सिलिकॉन ट्रांजिस्टर | जीवित बैक्टीरिया |
| मुख्य उपयोग | डिजिटल कंप्यूटिंग | जैविक प्रतिक्रिया और कृषि |
Frequently Asked Questions
1. क्या बैक्टीरिया वास्तव में सोच सकते हैं?
नहीं, वे इंसानों की तरह नहीं सोचते, बल्कि वे पूर्व-निर्धारित रासायनिक संकेतों के आधार पर गणना करते हैं।
2. इसका कृषि में क्या उपयोग होगा?
इसका उपयोग पौधों की जड़ों में किया जा सकता है ताकि वे पोषक तत्वों की कमी या बीमारी का पता चलते ही खुद को ठीक कर सकें।